लखनऊ, । 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती में याची बनकर न्याय की लड़ाई लड़ रहे आरक्षित श्रेणी के भारी संख्या में अभ्यर्थी बुधवार को विधान भवन के सामने प्रदर्शन कर धरने पर बैठ गए। आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थियों ने योगी जी हमें न्याय दो, सुप्रीम कोर्ट में आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थियों के पक्ष में याची लाभ का प्रस्ताव पेश करो के नारे लगाने लगे। पुलिस ने आकर अभ्यर्थियों को रोक लिया। दोनों के बीच गहमागहमी होने लगी। पुलिस ने इनकी एक नहीं सुनी। सभी को जबरन पुलिस बस में बैठाकर इको गार्डन भिजवाया। अभ्यर्थी पहले भी न्याय के लिये डिप्टी सीएम समेत शिक्षामंत्री आदि के यहां कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं।
धरना प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पिछड़ा दलित संयुक्त मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कश्यप एवं धनंजय गुप्ता का कहना है कि आरक्षण घोटाले का यह मामला लखनऊ हाई कोर्ट में वर्ष 2020 से चल रहा है। इस भर्ती में ओबीसी वर्ग को 27% की जगह सिर्फ 3.86% वहीं एससी वर्ग को ज्यादा आरक्षण दिया गया है। बेसिक शिक्षा नियमावली 1981 तथा आरक्षण नियमावली 1994 का घोर उल्लंघन किया गया है। हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ 13 अगस्त 2024 को इस शिक्षक भर्ती की पूरी लिस्ट को रद्द कर चुकी है। प्रदेश सरकार को शिक्षक भर्ती की सूची तीन महीने के अंदर मूल चयन सूची के रूप में लिस्ट बनाने का आदेश दे चुकी है लेकिन सरकार ने कुछ नहीं किया।
जारी रहेगा प्रदर्शन...
पिछड़ा दलित संयुक्त मोर्चा के प्रदेश प्रदेश महासचिव सुमित यादव का कहना है कि प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट में आरक्षण पीड़ित यांची अभ्यर्थियों के पक्ष में उन्हें न्याय देने के लिए याची लाभ का प्रपोजल पेश नहीं कर देती तब तक आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थी धरना प्रदर्शन करते रहेंगे। प्रदर्शन में सुशील कश्यप, धनंजय गुप्ता, सुमित यादव आदि शामिल रहे।

