03 October 2026

पापा को भी मिल सकती है 365 दिन की Child Care Leave! महिला आयोग ने सरकार को भेजीं 37 बड़ी सिफारिशें

 

पापा को भी मिल सकती है 365 दिन की Child Care Leave! महिला आयोग ने सरकार को भेजीं 37 बड़ी सिफारिशें

नई दिल्ली: बच्चों की देखभाल और Working Parents के लिए आने वाले समय में छुट्टी के नियमों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने केंद्र सरकार को Maternity Leave और Child Care Leave (CCL) से जुड़े नियमों में बदलाव के लिए 37 महत्वपूर्ण सिफारिशें भेजी हैं।

इन सिफारिशों में सबसे खास प्रस्ताव यह है कि Child Care Leave का लाभ केवल मां को ही नहीं, बल्कि पिता को भी दिया जाए। आयोग ने मौजूदा 730 दिनों की CCL को दोनों Working Parents के बीच 365-365 दिनों में बांटने का सुझाव दिया है।

रिपोर्ट को कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT), महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और श्रम एवं रोजगार मंत्रालय को भेजा गया है। इसमें कुल 9 प्रमुख क्षेत्रों से जुड़े सुझाव शामिल हैं।

मां के साथ पापा को भी मिले 365 दिन की CCL

NCW ने Child Care Leave को Gender Neutral बनाने की सिफारिश की है। यानी बच्चे की देखभाल की जिम्मेदारी केवल मां की न होकर पिता की भी हो।

आयोग ने मौजूदा 730 दिनों की CCL को मां और पिता के बीच 365-365 दिनों में बांटने का प्रस्ताव रखा है। यदि पति-पत्नी एक ही संस्था में काम करते हैं तो उनके लिए Shared Leave Pool की व्यवस्था पर भी विचार किया जा सकता है।

इसके अलावा 0 से 2 वर्ष की उम्र के बच्चों के लिए 60:40 Shared Care Model लागू करने का सुझाव भी दिया गया है।

Private Company Employees को भी मिल सकती है CCL

अभी Child Care Leave की सुविधा मुख्य रूप से सरकारी कर्मचारियों से जुड़ी हुई है। NCW ने अब Private Sector Employees को भी इसके दायरे में लाने की सिफारिश की है।

आयोग का सुझाव है कि इसे पहले बड़े उद्योगों में लागू किया जाए और इसके बाद चरणबद्ध तरीके से Medium और Small Businesses को भी शामिल किया जाए। इसके लिए Social Security Code में आवश्यक बदलाव करने की बात कही गई है।

सभी क्षेत्रों में जरूरी हो Paid Paternity Leave

महिला आयोग ने Private Sector, Unorganised Sector और अन्य क्षेत्रों में भी Paid Paternity Leave को अनिवार्य करने की सिफारिश की है।

आयोग का कहना है कि बच्चे की देखभाल केवल मां की जिम्मेदारी नहीं होनी चाहिए। पिता को भी शुरुआती दिनों में बच्चे की देखभाल और परिवार को समय देने का अधिकार मिलना चाहिए।

2030 तक 5 लाख Crèche Seats बनाने का प्रस्ताव

Working Women के सामने बच्चों की देखभाल एक बड़ी चुनौती है। इसे देखते हुए NCW ने National Childcare Infrastructure Mission शुरू करने का सुझाव दिया है।

इसके तहत वर्ष 2030 तक देशभर में 5 लाख Crèche Seats विकसित करने का लक्ष्य प्रस्तावित किया गया है।

इसके लिए—

  • Offices में Crèche की सुविधा
  • कई संस्थानों के लिए Shared Crèche
  • State Level Childcare Fund

जैसे मॉडल अपनाने का सुझाव दिया गया है।

Gig और Unorganised Sector की महिलाओं को भी राहत

NCW ने Gig, Platform और Unorganised Sector में काम करने वाली महिलाओं के लिए भी Maternity और Childcare Protection मजबूत करने की सिफारिश की है।

इसके लिए Maternity and Childcare Fund बनाने का सुझाव दिया गया है। साथ ही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) को Universal और Legal Entitlement बनाने की सिफारिश भी रिपोर्ट में शामिल है।

Adoptive Mothers को भी 26 सप्ताह की Maternity Leave

महिला आयोग ने Adoptive और Commissioning Mothers के लिए भी महत्वपूर्ण बदलाव का प्रस्ताव दिया है।

आयोग ने मौजूदा 12 सप्ताह की छुट्टी को बढ़ाकर 26 सप्ताह करने की सिफारिश की है, ताकि उन्हें भी Biological Mothers के समान Maternity Benefits मिल सकें।

इसके साथ ही Working और Breastfeeding Mothers के लिए Nursing Break से जुड़े नियमों में भी बदलाव का सुझाव दिया गया है।

Nursing Break 15 से बढ़ाकर 30 मिनट करने की सिफारिश

NCW ने मौजूदा 15 मिनट के Nursing Break को बढ़ाकर 30 मिनट करने का सुझाव दिया है।

इसके अलावा Offices और Factories में अलग Lactation Room बनाने तथा इन सुविधाओं के नियमों का बेहतर तरीके से पालन सुनिश्चित करने की सिफारिश की गई है।

तीसरे बच्चे तक CCL देने पर भी विचार

महिला आयोग ने Child Care Leave में लागू दो बच्चों की सीमा पर भी दोबारा विचार करने का सुझाव दिया है।

रिपोर्ट में चरणबद्ध तरीके से तीसरे बच्चे तक CCL का लाभ देने की संभावना पर विचार करने की सिफारिश की गई है।

महिलाओं के Career पर न पड़े Maternity का असर

NCW ने अपनी रिपोर्ट में यह भी कहा है कि Maternity और Childcare Responsibilities के कारण महिलाओं के Career पर नकारात्मक असर नहीं पड़ना चाहिए।

इसके लिए—

  • Recruitment में भेदभाव रोकना
  • Promotion में समान अवसर
  • Salary में भेदभाव खत्म करना
  • Pension Benefits में समानता
  • Workplace पर महिलाओं के प्रति सोच में बदलाव

जैसे उपायों पर जोर दिया गया है।

सरकार के फैसले पर टिकी नजर

NCW की ये 37 सिफारिशें फिलहाल प्रस्ताव के रूप में सरकार को भेजी गई हैं। इन्हें लागू करने के लिए सरकार की ओर से नियमों, कानूनों और संबंधित प्रावधानों में बदलाव की जरूरत हो सकती है।

अगर सरकार इन प्रस्तावों को मंजूरी देती है तो इसका सीधा असर Working Mothers, Fathers, Private Employees, Gig Workers और Unorganised Sector में काम करने वाले लाखों लोगों पर पड़ सकता है।