प्रदेश में मौसम के बदले मिजाज ने सोमवार को तबाही मचाई। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक के साथ हुई मूसलाधार बारिश और तेज आंधी के कारण 24 लोगों की जान चली गई। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से हुए इस बदलाव ने जहां गर्मी से राहत दी, वहीं जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। बरेली में हवा की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रतिघंटा तक दर्ज की गई।
कुदरत के कहर ने गोरखपुर-बस्ती मंडल में सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया। झमाझम बारिश, बिजली-पेड़ गिरने से यहां 7 लोगों की मौत हो गई। बिजली गिरने से गोरखपुर-गोंडा में तीन-तीन, सिद्धार्थनगर, गाजीपुर में दो-दो, बलरामपुर, अंबेडकरनगर, बहराइच बागपत, संभल में एक-एक की जान चली गई। सिद्धार्थनगर में ही एक की पेड़ गिरने से नीचे दबकर जान चली गई। वहीं कुशीनगर में बिजली कड़कने की आवाज सुनकर भागी किशोरी की नाली में गिरकर मौत हो गई। कासगंज में आंधी की वजह से वृद्धा और मासूम भाई-बहनों की मौत हो गई। संभल में आंधी के दौरान छत से गिरकर दृष्टिबाधित महिला और गाजीपुर में आंधी में दीवार गिरने से वृद्ध की मौत हो गई। औरैया में आंधी के चलते दीवार गिरने से दादी और नातिन की दबकर मौत हो गई।
बिजली व्यवस्था ध्वस्त, एक्सप्रेस-वे की मिट्टी धंसी
मुजफ्फरनगर में आंधी ने बिजली विभाग को करोड़ों का चूना लगाया। यहां 65 से अधिक खम्भे धराशायी हो गए और 135 स्थानों पर तार टूट गए। बागपत के 200 गांवों में अंधेरा छाया रहा। दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे पर बिजरौल के पास मिट्टी धंसने से निर्माण कार्य पर सवाल खड़े हो गए हैं। सिद्धार्थनगर में जल जीवन मिशन की निर्माणाधीन टंकी टूटकर लटक गई।
प्रदेश के 21 जिलों में ओलावृष्टि का अलर्ट
बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रवि दास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर एवं आस पास के क्षेत्र में ओलावृष्टि का अलर्ट है।

