इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नेहरू ग्राम भारती मानित विश्वविद्यालय में पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर अभिषेक मिश्रा की सेवा समाप्ति और उनके पद पर जारी किए गए नए भर्ती विज्ञापन के मामले में एक कड़ा और महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है
अदालत ने स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा है कि प्रथमदृष्टया नियमित प्रकृति के पद पर तैनात किसी भी कर्मचारी को केवल तीन महीने का नोटिस देकर सेवा से हटाया नहीं जा सकता
किसने दिया आदेश और क्या था मामला?
यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन ने याची अभिषेक मिश्रा की ओर से दाखिल याचिका पर लंबी सुनवाई के बाद दिया है

