निजी स्कूलों की मनमानी से छुट्टी के दिन खुले रहे विद्यालय, राजपत्रित अवकाश के बाद भी स्कूल संचालन पर अभिभावकों में आक्रोश


बलरामपुर। जिले के निजी माध्यमिक एवं बेसिक से मान्यता प्राप्त सहित इंग्लिश मीडियम स्कूलों की मनमानी शिक्षा महकमा की उदासीनता को बयां कर रही है शुक्रवार को गुरु तेग बहादुर शहीद दिवस पर शासन से राजपत्रित अवकाश होने के बाद भी सरेआम विद्यालय खुले रहे जबकि सरकारी प्रतिष्ठान, राजकीय एवं सहायता प्राप्त माध्यमिक इंटर कॉलेज सहित परिषदीय विद्यालय में अवकाश रहा है निजी स्कूलों के प्रबंधक प्रधानाचार्यों की मनमानी से अभिभावकों में आक्रोश है । प्रकरण को लेकर उतरौला तहसील के अभिभावक एवं समाजसेवियों ने जिला विद्यालय निरीक्षक एवं बेसिक शिक्षा अधिकारी से शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की है।


शुक्रवार को बलरामपुर उतरौला तुलसीपुर तहसील सहित ब्लॉक कस्बे में बेसिक से मान्यता प्राप्त हिंदी अंग्रेजी माध्यम के प्राइवेट स्कूल माध्यमिक से मान्यता प्राप्त वित्तविहीन इंटर कॉलेज एवं सीबीएसई से मान्यता प्राप्त इंटर कॉलेज शासन के अवकाश के बाद भी खुले रहे हैं । निजी स्कूलों के संचालक सरकारी आदेशों को महंगा दिखाकर शिक्षा महकमा के आदेशों को धता बताकर सरेआम स्कूल संचालित कर रखा है सिख धर्म के गुरु तेग बहादुर शहीद दिवस होने के बाद भी जिले के निजी विद्यालय संचालित होना सरकार के अवकाश आदेश की
धज्जियां उड़ाना है अभिभावकों ने स्कूल संचालक पर नाराजगी जताते हुए एक समुदाय विशेष की भावनाओं को आहत पहुंचाने की बात कहते हुए उतरौला के समाजसेवी एवं कुछ अभिभावकों ने जिला विद्या निरीक्षक एवं बेसिक शिक्षा अधिकारी से प्रकरण की शिकायत की है।

उतरौला के एक सभासद मामले को लेकर जिला विद्या निरीक्षक एवं बेसिक शिक्षा अधिकारी से फोन पर शिकायत करते हुए सरकार के आदेश का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में बेसिक शिक्षा अधिकारी कल्पना देवी का कहना है कि शासन के निर्देश पर परिषदीय एवं निजी विद्यालय गुरु तेग बहादुर सिंह शहीद दिवस पर अवकाश रहा है

यदि इस दौरान स्कूल खुले हैं तो शासनादेश का उल्लंघन किया गया है मामले की जांच कराई जाएगी।

जिम्मेदार के बोल

जिला विद्या निरीक्षक गोविंद राम की माने तोशासन के निर्देश पर शुक्रवार को गुरु तेग बहादुर सिंह के शहीद दिवस पर राजपत्रित अवकाश रहा है। शासन के अवकाश घोषणा के बाद भी यदि विद्यालयों के प्रबंधक प्रधानाचार्य ने जानबूझकर स्कूल संचालित किया है तो शासन के आदेश का यह उल्लंघन माना जाएगा। मामले की जांच कराकर कार्रवाई की
जाएगी।