25 September 2026

शिक्षक भर्ती के विवाद में आमने सामने आए बेरोजगार

। प्रदेश के 330 अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में विज्ञापन संख्या 51 के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर के 910 पदों पर भर्ती के लिए दो बार आयोजित लिखित परीक्षा में सफल बेरोजगार आमने-सामने आ गए हैं। हाईकोर्ट से होते हुए यह विवाद सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है। शीर्ष कोर्ट से फैसला आने के बाद ही उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग में साक्षात्कार प्रक्रिया शुरू होगी।


वर्ष 2022 में आवेदन लेने के तीन साल बाद 16 और 17 अप्रैल 2025 को आयोजित परीक्षा में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप लगे और आखिरकार परीक्षा के साढ़े आठ महीने बाद सात जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखित परीक्षा निरस्त कर दी। उसके बाद चयन आयोग ने नए सिरे से परीक्षा की तैयारी शुरू की तो पहली बार आयोजित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर कर दी। 18 और 19 अप्रैल 2026 को दोबारा परीक्षा से पहले हाईकोर्ट ने कुल 33 में से केवल उन पांच विषयों (उर्दू, हिंदी, भूगोल, समाजशास्त्र और जंतु विज्ञान) की ही पुनर्परीक्षा कराने को कहा था, जिनमें धांधली की बात सामने आई थी। हालांकि चयन आयोग ने सभी 33 विषयों की दोबारा परीक्षा करा दी। इसमें सफल 3155 अभ्यर्थियों के साक्षात्कार 21 जुलाई से 13 अगस्त तक प्रस्तावित थे। इस बीच पहली परीक्षा में सफल और पुर्नपरीक्षा से असंतुष्ट अभ्यर्थियों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने साक्षात्कार पर रोक लगा दी थी। इस मामले में पुर्नपरीक्षा में सफल अभ्यर्थियों ने भी साक्षात्कार करवाने के लिए याचिका की है। अब इस मामले की सुनवाई अक्तूबर के प्रथम सप्ताह में होनी है।


पांच विषय के अभ्यर्थियों ने भी लगाई गुहार


पहली बार आयोजित परीक्षा में जिन पांच विषयों में गड़बड़ी की बात सामने आई है उनमें सफल अभ्यर्थियों ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका की है। उनका कहना है कि विस्तृत जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए लेकिन सभी अभ्यर्थियों को बाहर करना उचित नहीं है।