टीईटी उत्तीर्ण शिक्षामित्रों को भारांक देने की तैयारी, 75 हजार से अधिक को मिल सकता है लाभ
प्रयागराज। शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण शिक्षामित्रों को परिषदीय स्कूलों में सहायक अध्यापक भर्ती में भारांक (वेटेज) दिए जाने की उम्मीद बढ़ गई है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से शासन को इस संबंध में पत्र भेजकर अनुमति मांगी गई है।
समाचार के अनुसार आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के वर्ष 2020 के आदेश का हवाला देते हुए टीईटी उत्तीर्ण शिक्षामित्रों को भारांक देने की अनुमति मांगी है। शासन स्तर से अनुमति मिलने के बाद इस संबंध में आगे की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
75 हजार से अधिक शिक्षामित्रों को मिल सकता है लाभ
वर्तमान में प्रदेश के विभिन्न जिलों के परिषदीय विद्यालयों में करीब 1,43,470 शिक्षामित्र कार्यरत बताए गए हैं। इनमें 75 हजार से अधिक शिक्षामित्र टीईटी उत्तीर्ण हैं। यदि भर्ती में भारांक देने की व्यवस्था लागू होती है तो इन शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया में इसका लाभ मिल सकता है।
68,500 और 69,000 भर्ती में दिया जा चुका है भारांक
रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश सरकार पहले 68,500 और 69,000 शिक्षक भर्ती में शिक्षामित्रों को भारांक दे चुकी है। इसमें कार्य अनुभव के आधार पर प्रति वर्ष 2.5 अंक, अधिकतम 25 अंक तक भारांक का प्रावधान बताया गया था।
2017 में निरस्त हुआ था शिक्षामित्रों का समायोजन
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद वर्ष 2017 में शिक्षामित्रों का सहायक अध्यापक पद पर समायोजन निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद प्रदेशभर में शिक्षामित्रों को मानदेय पर कार्य करना पड़ा। रिपोर्ट में बताया गया है कि उस समय करीब 1.37 लाख शिक्षामित्र प्रभावित हुए थे।
स्पेशल टीईटी की भी मांग
इसके साथ ही शिक्षामित्रों की ओर से स्पेशल टीईटी आयोजित कराने की मांग भी की जा रही है। कुछ महीने पहले परिषदीय विद्यालयों के सहायक अध्यापकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता को लेकर चर्चा हुई थी। इसके बाद शिक्षामित्रों के ऐसे वर्ग को, जो अभी टीईटी उत्तीर्ण नहीं हैं, स्पेशल टीईटी में शामिल होने का अवसर देने की मांग उठी है।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के उप सचिव संजय सिंह के अनुसार, भारांक देने की अनुमति के लिए शासन स्तर से निर्णय का इंतजार है। अनुमति मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

