26 September 2026

विवाह बचाने को पति भी निभाएं गृहणी की भूमिका: कोर्ट

 

विवाह बचाने को पति भी निभाएं गृहणी की भूमिका: कोर्ट

चेन्नई। घरेलू काम के असमान वितरण के कारण परिवार टूटने की चिंता जताते हुए मद्रास हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि महिलाएं गृहणी की जिम्मेदारी संभाल सकती हैं तो पुरुषों को भी घर के कामकाज में हाथ बंटाना चाहिए।


हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने वैवाहिक विवाद की सुनवाई करते हुए कहा कि महिलाओं के तेजी से रोजगारोन्मुख होने के कारण न केवल विवाह व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि उनके करियर में भी रुकावट आ सकती है।

पति भी निभा सकते हैं 'हाउस हसबैंड' की भूमिका

सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति एमडी सुमति और न्यायमूर्ति जीआर स्वामीनाथन ने डॉक्टर दंपती के तलाक की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुझाव दिया कि यदि महिलाएं गृहणी बन सकती हैं तो पुरुष भी 'हाउस हसबैंड' की भूमिका निभा सकते हैं, ताकि विवाह की संस्था को बचाया जा सके।

कोर्ट ने दोनों पक्षों की सहमति के आधार पर मामले का निपटारा करते हुए पति को पत्नी और बच्चों के लिए 2.5 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया।