यूपी के 12 लाख से ज्यादा राज्य कर्मियों को राहत मिलने वाली है। योगी सरकार दीपावली से पहले इन कर्मचारियों को बोनस देने जा रही है। इसके अलावा महंगाई भत्ता (डीए) और महंगाई राहत भत्ता (डीआरए) भी नवंबर में मिलने वाले वेतन के साथ ही आने की भी उम्मीद है। महानवमी और दशहरा की छुट्टियों के बाद इस संबंध में आदेश जारी हो सकते हैं।
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वित्त विभाग कर्मचारियों को बोनस और डीए-डीआरए देने की तैयारी कर रहा है। प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। रेलवे मंत्रालय की घोषणा के बाद अब राज्य कर्मचारियों को भी उम्मीद है कि प्रक्रिया में तेजी आएगी। सूत्र बताते हैं कि बोनस की रकम 3400 से 7000 रुपये के बीच होगी। बोनस का लाभ आरजपत्रित कर्मचारियों को दिया जाता है। बोनस की रकम वेतन के साथ नहीं आती है, बल्कि यह अलग से खातों में भेजी जाती है।
नवंबर में आएगी सैलरी
कर्मचारी मान रहे हैं कि बोनस के साथ ही डीए व डीआरए के भी आदेश होंगे। डीए व डीआरए तीन प्रतिशत मिलने की उम्मीद है। सूत्र बताते हैं कि अगर आदेश 25 अक्तूबर से पहले हो जाएंगे तो अक्तूबर की तनख्वाह व पेंशन जो नवंबर में मिलेगी, उसमें यह डीए-डीआरए की राशि बढ़कर आएगी। डीए व डीआरए संबंधी आदेश का इंतजार 12 लाख से ज्यादा कर्मचारी और 6 लाख से ज्यादा पेंशनर कर रहे हैं।
आउटसोर्स कर्मियों को भी बढ़े वेतन का आदेश जल्द
आउटसोर्स कर्मचारियों को बढ़ी हुई तनख्वाह नवंबर में मिलने वाले वेतन में मिलेगी। यह वेतन अक्तूबर माह के लिए उन्हें दिया जाएगा। आउटसोर्स निगम इस संबंध में छुट्टियां खत्म होने के बाद ही औपचारिक आदेश जल्द जारी करेगा। तकरीबन चार लाख आउटसोर्स कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा।
दीवाली से पहले कर्मियों व पेंशनरों के अटके चिकित्सा दावे निपटेंगे
यूपी के हजारों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के पुराने मेडिकल बिलों के भुगतान की समयसीमा शासन ने तय कर दी है। दीपावली से पहले इनके अटके हुए चिकित्सा दावे 31 अक्तूबर तक निस्तारित किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। जो भी दावे 30 सितंबर तक सभी मेडिकल बिलों सहित संबंधित विभागों में जमा किए जा चुके हैं। इसी माह 31 अक्तूबर तक परीक्षण के बाद उनका भुगतान हो जाएगा।
ऑफलाइन होगा पुराने दावों का तकनीकी परीक्षण
शासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे पुराने दावों का तकनीकी परीक्षण पहले की तरह ऑफलाइन ही कराया जाएगा। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की सचिव रितु माहेश्वरी द्वारा इस संबंध में जारी आदेश में कहा गया है कि विभिन्न विभागों में 30 सितंबर तक भौतिक रूप से प्राप्त चिकित्सा प्रतिपूर्ति के दावों को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) या मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) के पास तकनीकी परीक्षण के लिए भेजा जाए। परीक्षण के बाद संबंधित अधिकारी दावों को विभाग को वापस करेंगे। इसके बाद विभाग पहले की तरह भुगतान की कार्रवाई पूरी करेंगे।

