लखनऊ। निजी स्कूलों की मान्यता लटकाए रखने पर 28 बीएसए व 13 सहायक बेसिक शिक्षा निदेशकों (एडी बेसिक) से स्पष्टीकरण मांगा गया है। बेसिक शिक्षा निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी ने तीन दिनों में स्पष्टीकरण मांगा है। पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन व मान्यता के मामलों के निस्तारण की व्यवस्था होने के बावजूद चार-चार महीने मान्यता के प्रकरण लटकाए रखने के आरोप हैं। मान्यता के मामलों को पारदर्शी ढंग से निपटाने और उसमें किसी भी तरह का भ्रष्टाचार न हो इसके लिए पोर्टल बनाकर ऑनलाइन व्यवस्था की गई
इसके बाद भी शिक्षा विभाग के अधिकारी व कर्मचारी महीनों मान्यता संबंधी प्रकरण लटकाए हुए हैं।
प्रदेश भर में 89 निजी स्कूलों के मान्यता के प्रकरण लंबित हैं।
ये भी पढ़ें - स्वगणना में लोगों से पूछे जाएंगे 40 सवाल---
महीने भर से लेकर चार-चार महीने तक फाइलें कमेटी के पास लंबित पड़ी हुई है। फाइलें पास न होने से निजी स्कूलों को मान्यता नहीं पा रही है। सबसे अधिक 22 निजी स्कूलों की मान्यता के मामले मुरादाबाद मंडल के संभल जिले के लटके हुए हैं। इसके चलते मथुरा, अलीगढ़, एटा, हाथरस, कासगंज, अयोध्या, बाराबंकी, आजमगढ़, मऊ, बस्ती, संतकबीर नगर, सिद्धार्थनगर, इटावा, महाराजगंज, कानपुर नगर, हरदोई, लखनऊ, सीतापुर, उन्नाव, गौतमबुद्ध नगर, मीरजापुर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल, रामपुर, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर व गाजीपुर के बीएसए से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिन 13 एडी बेसिक से जवाब मांगा गया है उनमें आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, आजमगढ़, बस्ती, गोरखपुर, कानपुर, लखनऊ, मेरठ, मीरजापुर, मुरादाबाद, सहारनपुर व वाराणसी शामिल हैं।

