18 October 2026

छात्रों के जवाब न दे पाने और कम उपस्थिति पर डीएम खफा

 

छात्रों के जवाब न दे पाने और कम उपस्थिति पर डीएम खफा, स्कूल में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश

बहराइच: महसी के प्राथमिक विद्यालय हुसैनपुर में निरीक्षण के दौरान छात्रों की कम उपस्थिति और पढ़ाई का अपेक्षित स्तर नहीं मिलने पर जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने नाराजगी जताई। उन्होंने विद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने, छात्रों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और पढ़ाई के स्तर में सुधार लाने के निर्देश दिए।

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छात्रों से पूछे सवाल, नहीं मिले संतोषजनक जवाब

निरीक्षण के दौरान डीएम ने छात्र-छात्राओं से पढ़ाई से संबंधित सवाल पूछे। उन्होंने विद्यार्थियों से 14 और 19 के पहाड़े सुनकर उनकी शैक्षणिक समझ को परखा। इस दौरान कुछ छात्र अपेक्षित जवाब नहीं दे सके। छात्रों की कम उपस्थिति और पढ़ाई की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं मिलने पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों एवं शिक्षिका को आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए।

नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश

डीएम राजेश कुमार पांडेय ने कहा कि विद्यालय में नामांकित प्रत्येक छात्र की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। अनुपस्थित रहने वाली छात्राओं के संबंध में प्रभावी निगरानी की जाए, ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। उन्होंने विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।

गणित की पढ़ाई का भी लिया जायजा

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने छात्राओं से गणित विषय की पढ़ाई से संबंधित प्रश्न भी पूछे। छात्राओं की विषयगत समझ अपेक्षित स्तर की नहीं पाए जाने पर उन्होंने शिक्षण कार्य में प्रभावी सुधार लाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उनकी विषयगत समझ, बुनियादी ज्ञान और सीखने की क्षमता को मजबूत करना जरूरी है। इसके लिए शिक्षण कार्य की नियमित समीक्षा और विद्यार्थियों की प्रगति पर ध्यान दिया जाए।

शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर जोर

जिलाधिकारी ने विद्यालय में शैक्षणिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि बच्चों को केवल विद्यालय में नामांकित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित उपस्थिति और सीखने के स्तर में सुधार भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

डीएम के निरीक्षण के बाद विद्यालय में छात्र उपस्थिति बढ़ाने, गणित सहित अन्य विषयों की पढ़ाई में सुधार करने और शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।