09 May 2026

स्वगणना के नाम पर शिक्षकों पर बढ़ा दबाव, तकनीकी दिक्कतों से परेशान स्कूल स्टाफ, रोजाना 20 परिवारों की स्व-गणना करेंगे स्कूल का स्टाफ, इस प्रारूप पर मांगी जा रही डेली की सूचना

 


बरेली, जनगणना 2027 की प्रक्रिया के तहत इन दिनों ऑनलाइन स्वगणना (Self Enumeration) का कार्य चल रहा है। इसके लिए पोर्टल https://se.census.gov.in संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में जिले के सभी विद्यालयों को ग्राम पंचायतों में मकानों की स्वगणना कराने का लक्ष्य दिया गया है।

विद्यालयों को जारी निर्देशों के अनुसार प्रत्येक स्कूल को पहले चरण में 20 मकानों की स्वगणना का लक्ष्य 9 मई 2026 तक पूरा करना है, जबकि 15 मई तक 100 मकानों की स्वगणना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए प्रधानाध्यापकों को अपने विद्यालय स्टाफ में लक्ष्य बांटने को कहा गया है। साथ ही परिवार के मुखिया का नाम, मोबाइल नंबर और यूनिक आईडी सहित रिपोर्ट नोडल संकुल के माध्यम से कार्यालय भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं।

बताया गया कि जिलाधिकारी की बैठक में सभी स्कूलों को अपने-अपने ग्राम क्षेत्र में यह कार्य कराने के निर्देश दिए गए। इसके बाद विद्यालयों में शिक्षकों और इंचार्ज शिक्षकों को लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है तथा रिपोर्ट गूगल फॉर्म के माध्यम से उपलब्ध कराने की बात कही गई है।

हालांकि इस प्रक्रिया को लेकर शिक्षकों में असमंजस और नाराजगी भी देखने को मिल रही है। शिक्षकों का कहना है कि स्वगणना में नागरिकों को स्वयं पोर्टल पर जानकारी भरनी है, लेकिन व्यवहार में शिक्षकों से घर-घर जाकर कार्य कराने का दबाव बनाया जा रहा है।

शिक्षकों के सामने सबसे बड़ी समस्या तकनीकी जानकारी की है। कई शिक्षकों को यह समझ नहीं आ रहा कि गांव के मकानों के परिवारों की स्वगणना करते समय लोकेशन के लिए Longitude और Latitude कैसे सेट किया जाएगा। इसके अलावा मकान नंबर दर्ज करने को लेकर भी भ्रम की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई घरों पर स्पष्ट मकान नंबर नहीं हैं, जिससे डेटा भरने में परेशानी आ रही है।

कुछ शिक्षकों का कहना है कि सरकार ने जनगणना कार्य के लिए अलग से प्रगणकों (Enumerators) की व्यवस्था की है, ऐसे में विद्यालय स्टाफ पर अतिरिक्त दबाव डालना उचित नहीं है। उनका कहना है कि पहले से ही विद्यालयों में शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों का बोझ अधिक है, अब स्वगणना लक्ष्य ने नई दिक्कत खड़ी कर दी है।


इस प्रारूप पर मांगी जा रही सूचना