अब मोबाइल फोन निभाएगा स्कूल चलो अभियान में अहम भूमिका, जानिए पूरा मामला


अब मोबाइल फोन निभाएगा स्कूल चलो अभियान में अहम भूमिका, जानिए मामला*

अलीगढ़, जेएनएन। कोरोना संक्रमण काल में जब विद्यार्थियों की पढ़ाई आनलाइन माध्यम पर टिकी हुई है। ऐसे में सबसे बड़ी समस्या अभिभावकों के सामने बच्चों के दाखिले की भी होती है। खासतौर से अगर बात कक्षा एक से आठवीं तक के विद्यार्थियों के अभिभावकों की हो तो उनको इस प्रक्रिया के लिए कागजी औपचारिकताएं पूरी करने विद्यालय जाना पड़ता है। मगर अब केवल आनलाइन शिक्षा ही नहीं दाखिले की प्रकिया भी मोबाइल पर ही निर्भर होगी। जिन-जिन विद्यार्थियों के अभिभावकों के पास मोबाइल फोन है तो उनको बच्चों के दाखिले के लिए विद्यालय नहीं जाना होगा।


अभिभावक मोबाइल फोन के जरिए दाखिला कराएंगे

कक्षा एक से आठवीं तक के सरकारी स्कूलों में अप्रैल के बाद स्कूल चलो अभियान चलाया जाता है। मगर कोरोना संक्रमण काल के चलते ये अभियान नहीं चलाया जा सका है। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में शिक्षक भी अभिभावकों के पास जाकर प्रवेश प्रक्रिया कराने के पक्ष में नहीं हैं। इसलिए जिलास्तर पर अफसरों की ओर से आनलाइन प्रवेश की प्रक्रिया को लागू किया गया है। कक्षा एक में नामांकन बढ़ाने के लिए जब तक अभिभावक विद्यालय नहीं जा सकते तब तक उनको अपने मोबाइल फोन का ही सहारा होगा। अफसरों का कहना है कि मोबाइल फोन से ही जानकारियां देकर अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला स्कूल में करा सकते हैं। बाद में जब कोरोना संक्रमण से राहत मिलेगी तो कागजी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी। जो अभिभावक मोबाइल फोन के जरिए दाखिला कराएंगे उनके नंबर को आनलाइन पढ़ाई के लिए वाट्सअप ग्रुप से जोड़ लिया जाएगा। इससे बच्चों की आनलाइन पढ़ाई भी सुचारु होती रहेगी।

कागजी औपचारिकताएं बाद में

बीएसए डा. लक्ष्मीकांत पांडेय ने बताया कि कोरोना संक्रमण काल के चलते मोबाइल फोन पर काल करके कुछ जरूरी जानकारियां देकर विद्यार्थी का दाखिला सरकारी स्कूलों में किए जाने की व्यवस्था की है। मोबाइल नंबर होगा तो उसको आनलाइन पढ़ाई से भी जोड़ दिया जाएगा। स्कूल खुलने पर जरूरी कागजी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी।