03 February 2026

संपत्ति नहीं बताई, 47 हजार का वेतन रोका

 

राज्य सरकार ने स्पष्ट आदेश के बाद भी 31 जनवरी तक संपत्तियों का ब्योरा न देने वाले 47816 कार्मियों का वेतन रोकने के साथ ही विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। संपत्ति का ब्योरा न देने के बाद भी फरवरी का वेतन जारी करने वाले आहरण वितरण अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी। इनकी सूची एक सप्ताह में विभागध्यक्षों से मांगी गई है।



मुख्य सचिव एसपी गोयल ने इस संबंध में सोमवार को शासनादेश जारी करते हुए स्पष्ट निर्देश विभागाध्यक्षों को भेजा है। मुख्य सचिव ने कहा था कि वर्ष 2025 में अर्जित संपत्तियों का ब्योरा कर्मियों को अनिवार्य रूप से 31 जनवरी 2026 तक देना होगा। इस अवधि तक संपत्तियों की जानकारी पोर्टल पर ऑनलाइन न देने वालों का फरवरी का वेतन रोक दिया जाएगा। प्रदेश में मौजूदा समय 882723 राज्य कर्मचारी हैं। मुख्य सचिव की ओर से सोमवार को जारी आदेश के मुताबिक तय अवधि तक 47816 कार्मियों ने चल-अचल संपत्ति की जानकारी मानव संपदा पोर्टल पर 31 जनवरी तक नहीं दी है। आदेश में विभागाध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने विभाग में कार्मिकों को चिह्नित करेंगे कि संपत्तियों की जानकारी न देने वालों का वेतन जारी हुआ है या नहीं।



संपत्ति की जानकारी न देने के बाद भी यदि किसी कार्मिक का वेतन जारी किया गया है, तो इस संबंध में विभाग स्तर पर तय नियमों के तहत आहरण वितरण अधिकारी का उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए कार्रवाई की जाएगी और एक सप्ताह में इसकी जानकारी शासन को दी जाएगी। इसके साथ ही जिन कार्मिकों द्वारा निर्धारित अवधि तक संपत्तियों का ब्योरा पोर्टल पर दर्ज नहीं किया गया है उनके खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।