प्रयागराज,। उत्तर प्रदेश में चार साल बाद होने जा रही शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी-टीईटी) की तैयारी कर रहे लाखों प्रतियोगी छात्रों के लिए अच्छी खबर है।
शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से शासन को भेजा गया फीस वृद्धि का प्रस्ताव खारिज कर दिया गया है। चयन आयोग ने पिछले साल फिर फीसवृद्धि का प्रस्ताव शासन को भेजा था। बगैर परीक्षा कराए दोबारा भेजे गए प्रस्ताव में सामान्य, ओबीसी व ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों फीस बढ़ाकर 1700 रुपये करने की अनुमति मांगी गई थी। इसी प्रकार दूसरे श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए
भी फीसवृद्धि का सुझाव था। हालांकि शासन ने फीसवृद्धि से इनकार कर दिया है। चयन आयोग के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. संजय सिंह के अनुसार दोबारा भेजे गए फीसवृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली है। वहीं शिक्षा सेवा चयन आयोग एवं भारतीय स्टेट बैंक के बीच गुरुवार को समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए।

