01 February 2026

यूपी में सभी मदरसों के लेन-देन की जांच होगी

 मदरसों में हो रही विदेशी फंडिंग की तह तक पहुंचने के लिए अब उनके भवन निर्माण की लागत और स्रोत समेत सभी लेन-देन की जांच होगी। सभी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि वे इस पहलू पर जांच करके निदेशालय को इसकी रिपोर्ट दें। विदेशी फंडिंग मामले की जांच एटीएस स्तर की एसआईटी कर रही है।



उत्तर प्रदेश में तकरीबन 4000 मदरसों में विदेशी फंडिंग का अनुमान है। एसआईटी इसकी पड़ताल कर रही है। अब तक हुई जांच में पाया गया है कि तमाम मदरसे ऐसे हैं, जिनकी आय का कोई पुख्ता स्रोत तो नहीं है, लेकिन वे आलीशान भवनों में संचालित किए जा रहे हैं। संचालकों द्वारा भवन निर्माण में लगी रकम का प्रमाणिक स्रोत साझा नहीं किया जा रहा है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मदरसों के निर्माण के स्रोत की गहनता से पड़ताल करवाएं और इसकी रिपोर्ट निदेशालय को दें, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके। यही नहीं, सभी अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि विदेशी फंडिंग के मामले में वे जिला स्तर और अभिसूचना इकाई आदि से भी इनपुट प्राप्त करें और उसे अपने स्रोतों से सत्यापित करके विस्तृत रिपोर्ट दें




सत्यापन में बैंक खातों की भी पूरी पड़ताल होगी

सभी मान्यता प्राप्त, गैर मान्यता प्राप्त मदरसों के सत्यापन में बैंक खातों की भी पड़ताल होगी। सभी अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मदरसों या संस्थाओं ही नहीं, बल्कि संचालकों के बैंक खातों में लेन-देन को सत्यापित करें। निदेशालय ने निर्देश दिए हैं कि कहीं किसी तरह की गड़बड़ी दिखती है तो सूचित करें, ताकि उसकी सघन पड़ताल करवाई जा सके।


एटीएस का पूरी तरह सहयोग करें जिलों के अफसर

अल्पसंख्यक कल्याण निदेशक ने सभी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि वे मदरसों में हो रही फंडिंग की जांच में एटीएस का पूरा सहयोग करें। निदेशक ने कहा है कि एटीएस विदेश फंडिंग के मामलों की पड़ताल कर रही है। अगर जांच के दौरान एटीएस के कोई भी अधिकारी इसमें विभाग का कोई सहयोग चाहते हैं तो उन्हें हर संभव मदद उपलब्ध करवाई जाए।।