01 February 2026

पुरानी लिस्ट में नाम, फिर भी नोटिस: वरिष्ठ नागरिकों के घर जाएंगे बीएलओ


वरिष्ठ नागरिकों के घर जाएंगे बीएलओ

लखनऊ। जिले की मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाने के लिए एसआईआर अभियान चल रहा है। शनिवार को मण्डलायुक्त विजय विश्वास पंत ने राजनीतिक दलों के साथ बैठक की। उन्होंने निर्देश दिया कि नोटिस का जवाब देने या नाम जुड़वाने के लिए वरिष्ठ नागरिकों को बूथ के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। घर बैठे बीएलओ उनकी मदद करेंगे। अब ऐसे मतदाता, जो वृद्धावस्था, शारीरिक कमजोरी या बीमारी की वजह से सुनवाई केंद्रों तक पहुंचने में असमर्थ हैं, उनकी तरफ से बीएलओ मोर्चा संभालेंगे। कमिश्नर ने निर्देश दिए हैं कि नई कॉलोनियों और पीएम आवास कॉलोनी में विशेष कैंप लगाए जाएंगे।



लखनऊ,  एसआईआर में बीएलओ की लापरवाही का खामियाजा मतदाताओं को भुगतना पड़ा है। ऐसे बड़ी संख्या में मतदाता हैं जिनके नाम 2003 की वोटर लिस्ट में थे। बावजूद इसके गणना प्रपत्र में बीएलओ ने पुराना ब्योरा भरने से रोक दिया। नतीजतन इन मतदाताओं को भी एईआरओ का नोटिस मिल गया है।


अब उनको नोटिस के जवाब में सक्षम अधिकारी के सामने पेश हो कर दस्तावेज जमा करने पड़ेंगे। राजेन्द्र नगर के निवासी अभिषेक, गोमती नगर विनय खंड 2 में रहने वाली संध्या के माता पिता, राम लखन के अभिभावकों का नाम वोटर लिस्ट में था। इनको भी बीएलओ ने फार्म में 2003 का विवरण देने से मना कर दिया। अब नाम होने और गणना प्रपत्र भरने के बावजूद इन सभी को नोटिस मिल गया है। वहीं, बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता हैं जिनके माता पिता के नाम 1995 की वोटर लिस्ट में थे। 2003 में बीएलओ की गलती से पते पर मौजूद रहने के बावजूद उनके नाम गायब हो गए। जारी हुए हैं। एसआईआर के अंतर्गत मण्डलायुक्त विजय विश्वास पंत ने बूथों का स्थलीय निरीक्षण किया। मंडलायुक्त उपाध्याय राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में हेल्प डेस्क का निरीक्षण किया।