लखनऊ,। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा में गलती या हड़बड़ी में प्रवेश पत्र भूलने पर परीक्षार्थियों को परीक्षा देने की सुविधा मिलेगी। परीक्षार्थी इसके लिए केंद्र
व्यवस्थापक को अगली परीक्षा में प्रवेश पत्र या उसकी डुप्लीकेट कापी लाने का शपथ देगा। इसी शर्त पर उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति मिलेगी। बोर्ड परीक्षा में राजकीय व एडेड स्कूल के शिक्षकों की 20 पालियों में ड्यूटी भी अनिवार्य कर दी गई है।
यूपी बोर्ड की 18 फरवरी से शुरू हो रही परीक्षा से पहले माध्यमिक शिक्षा विभाग ने शैक्षिणिक मार्गदर्शन के लिए यू-ट्यूब सेशन आयोजित किया।
अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा व माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह शामिल हुए। उन्होंने छात्रों,
अभिभावकों, केंद्र व्यवस्थापकों व कक्षनिरीक्षकों के प्रश्नों का उत्तर दिया। किसी कारण से प्रवेश पत्र न लाने पर केंद्र व्यवस्थापक अपने स्वविवेक का प्रयोग कर उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति दे सकेगा। अगली परीक्षा में इसे न देने पर उसे रोक दिया जाएगा।
प्रवेश पत्र में नाम व लिंग इत्यादि की त्रुटि होने पर अन्य पहचान पत्रों से मिलान कर छात्र को परीक्षा में बैठने दिया जाएगा। केंद्र पर देर से पहुंचने पर व्यवस्थापक वास्तविक कारण बताने पर परीक्षा शुरू होने के 30 मिनट बाद तक छात्रों को अवसर देगा।
प्रयोगात्मक परीक्षा छूटने पर दोबारा अवसर
छात्र बीमार है या कोई अन्य कठिनाई है तो उसकी तय तारीख पर प्रयोगात्मक परीक्षा छूटने पर दो बार प्रयोगात्मक परीक्षाओं का अवसर देता है। लिखित परीक्षाओं के बाद दोबारा अवसर मिलेगा।
यह है हेल्प लाइन नंबर
तनाव होने पर टेली मानस हेल्पलाइन नंबर 14416 पर संपर्क करें।
यूपी बोर्ड की हेल्पलाइन नंबर 18001805310 व 18001805312
दिव्यांगों को 20 मिनट का अतिरिक्त समय
दिव्यांग परीक्षार्थियों को परीक्षा अवधि से 20 मिनट अतिरिक्त समय दिया जाएगा। अगर केंद्र दो मंजिला भवन में है तो दिव्यांग छात्र को भूतल के कमरे में ही बैठाकर परीक्षा दिलाने की सुविधा होगी.
| मॉक टेस्ट कर उत्तर लिखना भी सीखें
अपर मुख्य सचिव ने छात्रों को हिदायत दी कि वह मॉक टेस्ट देकर उत्तर लिखना सीखें। कई छात्र ऐसे होते हैं जिन्हें सबकुछ आता है, लेकिन वह प्रश्न का जवाब ढंग से नहीं लिख पाते। इसलिए जो सवाल अच्छे से आता है उसे पहले हल करें। उत्तर में महत्वपूर्ण चीजों को हाईलाइट करें, हेडिंग लगाएं, प्वाइंट के अनुसार लिखें, ग्राफ व डायग्राम बनाएं, क्योंकि परीक्षक के पास कापी जांचने के लिए अधिक समय नहीं होता। वहीं प्रश्न पत्र हल करने के बाद पांच मिनट का समय रिवाइज करने के लिए हो कि कहीं कुछ छूटा तो नहीं। टाइम मैनेजमेंट भी हो।

