28 March 2026

कक्षा एक से ही बच्चों के लिए अनिवार्य हो खेल शिक्षा : अमरपाल मौर्य

 प्रतापगढ़। सदन में बृहस्पतिवार को राज्यसभा सदस्य अमरपाल मौर्य ने कक्षा एक से ही बच्चों के लिए खेल शिक्षा को अनिवार्य करने को जरूरी बताया। साथ ही बच्चों में बढ़ती डिजिटल निर्भरता के नियंत्रण को लेकर सरकार से प्रभावी कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ जैसी पहल से देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिल रहा है। आज भारत खेलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है।



बच्चों में बढ़ती डिजिटल निर्भरता पर नियंत्रण को सांसद ने बताया जरूरी


उन्होंने कहा कि बच्चों की दिनचर्या में तेजी से मोबाइल फोन, सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेम्स का उपयोग बढ़ा है। आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में भी बच्चों और युवाओं में बढ़ते डिजिटल एडिक्शन को एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बताया गया है।


अत्यधिक मोबाइल और सोशल मीडिया उपयोग से बच्चों की पढ़ाई, मानसिक स्वास्थ्य, सामाजिक व्यवहार और उत्पादकता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि कक्षा एक से ही खेल शिक्षा को अनिवार्य किया जाए। साथ ही विद्यालय के टाइम टेबल में प्रतिदिन कम से कम एक घंटा खेलों के लिए निर्धारित किया जाए। सरकारी और निजी विद्यालयों में न्यूनतम खेल सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।


कार्यक्रम शुरू किए जाएं। पारंपरिक भारतीय खेल कबड्डी, खो-खो, गिल्ली-डंडा आदि को स्कूलों के खेल कार्यक्रम में शामिल किया जाए। साथ ही बच्चों में डिजिटल उपयोग के लिए स्क्रीन टाइम गाइडलाइन बनाई जाए। अभिभावकों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाए। ऑनलाइन गेमिंग के दुष्प्रभावों से बचाव के लिए पैरेंट्स गाइड जारी हो। साथ ही बच्चों के काउंसलिंग की व्यवस्था की जाए।