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अगले सत्र से प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों की प्रार्थना सभा में छात्र-छात्राएं अखबारों की सुर्खियां पढ़ेंगे, कठिन शब्दों का अर्थ समझेंगे और भाषा पर पकड़ मजबूत करेंगे। इसके साथ ही विद्यालयों में मोबाइल लाने पर पूरी तरह रोक रहेगी। माध्यमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों की पढ़ने की आदत विकसित करने और उनके स्क्रीन टाइम पर लगाम लगाने के लिए समाचार पढ़ने को अब शैक्षिक कैलेंडर का हिस्सा बना दिया गया है।
● विद्यार्थियों में स्क्रीन टाइम घटाने और भाषा सुधारने पर रहेगा जोर
● उच्च माध्यमिक शिक्षा परिषद के शैक्षणिक कैलेंडर के तहत अब अखबार पढ़ना अनिवार्य
कैलेंडर का हिस्सा बना दिया गया है। इससे पहले दिसंबर में अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए समाचार पढ़ना अनिवार्य करने का आदेश जारी किया था।
विद्यार्थी प्रार्थना सभा में प्रमुख समाचार पढ़ेंगे। शिक्षकों की निगरानी में वे समाचारों में आए कठिन शब्दों का सही उच्चारण करेंगे और उनका अर्थ भी समझाएंगे।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों और मंडलीय शिक्षा अधिकारियों को यह निर्देश दिया है कि विद्यालयों में छात्रों के मोबाइल लाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
परिषद का मानना है कि किशोरावस्था में मोबाइल का अत्यधिक उपयोग बच्चों के शारीरिक, मानसिक और नैतिक विकास पर प्रतिकूल असर डालता है। उनकी आंखों की रोशनी कमजोर होती है, पढ़ाई में ध्यान की कमी और आत्मानुशासन में गिरावट जैसी समस्याओं को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

