08 April 2026

पांच साल तक ड्रेस नहीं बदल सकते स्कूल

 पांच साल तक ड्रेस नहीं बदल सकते स्कूल

सीतापुर। जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर ने मंगलवार को कॉन्वेंट स्कूल में लगातार मनमाने तरीके से बढ़ाई जा रही फीस पर सख्त तेवर दिखाए। जिलाधिकारी ने कहा कि जिला शुल्क नियामक समिति (डीएफआरसी) की अनुमति के बगैर पहले से तय फीस से अधिक वसूली न की जाए। साथ ही मध्य सत्र में फीस बढ़ोतरी न हो। जिला समिति सीमा से अधिक शुल्क वृद्धि प्रस्ताव को स्वीकार या अस्वीकार कर सकती है।


जिलाधिकारी ने मंगलवार को राजकीय इंटर कॉलेज में माध्यमिक शिक्षा परिषद / माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद/ सीबीएसई/आईसीएसई के विद्यालयों के प्रधानाचार्यों व डीएफआरसी के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि विद्यालय

वर्ष भर की पूरी फीस एक साथ लेने का नियम नहीं बना सकते हैं। मासिक, तिमाही या छमाही शुल्क लेने की घोषणा प्रवेश पूर्व करनी होगी। किसी भी प्रकार का डोनेशन या कैपिटेशन फीस लेना मना है। भुगतान के लिए रसीद देना अनिवार्य है।


उन्होंने कहा कि विद्यालय विशेष दुकानदार से किताबें, ड्रेस, स्टेशनरी आदि खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकते हैं। ट्रांसपोर्ट,


हॉस्टल और भ्रमण जैसी विकल्प आधारित सेवाओं की फीस सिर्फ तभी ली जा सकती है, जब छात्र उनका उपयोग कर रहा हो।


डीएफआरसी की अनुमति बिना विद्यालय द्वारा पांच लगातार शैक्षिक वर्ष के भीतर विद्यालय पोशाक में परिवर्तन नहीं किया जाएगा। नियम का पालन न करने पर दंड या मान्यता रद्द की जा सकती है।


नियमों के उल्लंघन पर रद्द होगी मान्यता

जिलाधिकारी ने बताया कि नियम उल्लंघन पर दंड का प्रावधान किया गया है। पहली बार पकड़े जाने पर एक लाख तक का अर्थदंड लगाया जाएगा। दूसरी बार उल्लंघन करने पर पहले से तय फीस की अधिक वसूली करने पर शुल्क वापस करने के साथ ही पांच लाख तक अर्थदंड लगाया जाएगा। तीसरी बार उल्लंघन करने पर विकास निधि की अनुमति वापस होगी। अर्थदंड के साथ संबंधित विद्यालय की परिषद से प्राप्त मान्यता को वापस लिए जाने की संस्तुति की जाएगी।