⚠️ Census 2026: अवकाश को लेकर भ्रामक खबर से सावधान, जाने सच्चाई क्या है?
हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर एक पत्र वायरल हो रहा है, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि जनगणना कार्य में लगे कर्मियों/शिक्षकों को अवकाश के दिनों में काम करने के बदले “अर्जित अवकाश” दिया जाएगा।
🔎 *सच्चाई क्या है?*
यह पत्र दिल्ली के Directorate of Economics & Statistics द्वारा जारी एक forwarding letter है, जिसमें Akhil Delhi Prathmik Shikshak Sangh की मांग को केवल आगे संबंधित विभाग (Census Office) को भेजा गया है।
➡️ इसमें कहीं भी अवकाश स्वीकृत होने का कोई आदेश नहीं है।
❗ *क्या समझें?*
– यह केवल मांग (representation) को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया है
– इसे मंजूरी (approval) मानना गलत है
📌 नियम और पूर्व प्रचलन:
जनगणना कार्य के लिए आमतौर पर:
– अलग से मानदेय/परिश्रमिक दिया जाता है
– इसे सरकारी ड्यूटी माना जाता है
➡️ ऐसे में उसी कार्य के लिए क्षतिपूरक अवकाश (Compensatory Leave) देना सामान्यतः नियमों के अनुरूप नहीं होता।
✅ *निष्कर्ष* :
यह खबर भ्रामक (misleading) है।
अभी तक अर्जित अवकाश देने का कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है।

