लखनऊ।।
प्रदेश में शिक्षकों की कमी से जूझ रहे 2830 से अधिक परिषदीय विद्यालयों को जल्द राहत मिलने जा रही है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब हर परिषदीय विद्यालय में कम से कम दो शिक्षकों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। बेसिक शिक्षा विभाग ने इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी है।
बताया गया है कि सरप्लस शिक्षकों को कम शिक्षक वाले विद्यालयों में भेजा जाएगा, ताकि प्रत्येक स्कूल में न्यूनतम दो शिक्षक उपलब्ध हो सकें। इसके लिए जिलों में 30 अप्रैल 2026 तक छात्र संख्या का भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। यह कार्य इंचार्ज सहायक अध्यापक, प्रधानाध्यापक और खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा किया जाएगा।
🔹 अपर मुख्य सचिव ने दिए निर्देश
बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी जिलाधिकारियों (डीएम) को इस संबंध में विस्तृत निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की कमी और अधिकता का अलग-अलग डेटा तैयार किया जाएगा, जिसे जिले की एनआईसी वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा।
इसके बाद शिक्षक-छात्र अनुपात के आधार पर सरप्लस शिक्षकों को जरूरत वाले विद्यालयों में तैनात किया जाएगा। जिन शिक्षकों का तबादला प्रस्तावित है, वे 13 मई तक अपनी आपत्ति दर्ज करा सकेंगे।
🔹 महिला शिक्षकों को प्राथमिकता
निर्देशों में यह भी कहा गया है कि महिला शिक्षकों को पहले उसी विकास खंड में तैनाती दी जाएगी, और आवश्यकता होने पर पास के विकास खंड में स्थानांतरण किया जाएगा।
🔹 20 मई तक पूरी होगी प्रक्रिया
पूरी प्रक्रिया को 20 मई तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद विभाग को इसकी रिपोर्ट भेजी जाएगी।
📊 महत्वपूर्ण तथ्य
- प्रदेश में 2830 से अधिक विद्यालय ऐसे हैं जहां शिक्षक कम हैं
- कई विद्यालय ऐसे हैं जहां केवल एक शिक्षक कार्यरत है
- नई व्यवस्था से प्रत्येक विद्यालय में कम से कम दो शिक्षक उपलब्ध होंगे
सरकार के इस फैसले से उन विद्यालयों को बड़ी राहत मिलेगी जहां लंबे समय से शिक्षकों की कमी थी। इससे बच्चों की पढ़ाई में सुधार आएगा और शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

