नई दिल्ली। सीबीएसई ने छठवीं कक्षा में तीसरी भाषा (आर-3) लागू करने को लेकर सभी संबद्ध स्कूलों को प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। बोर्ड के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2026-27 से यह व्यवस्था अनिवार्य होगी। सभी स्कूलों को 31 मई तक आधिकारिक पोर्टल पर तीसरी भाषा का चयन कर उसे अपलोड या आवश्यक संशोधन करना होगा। नई व्यवस्था 1 जुलाई से लागू की जाएगी।
सीबीएसई के मुताबिक कई स्कूलों ने तीसरी भाषा के विकल्प पहले ही पोर्टल पर अपलोड कर दिए हैं, लेकिन कुछ स्कूल अब तक प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए हैं। वहीं कुछ संस्थानों ने नीति के अनुरूप विकल्पों का चयन नहीं किया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा तक जानकारी अपडेट नहीं करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
📚 ये है तीन भाषा फार्मूला
🔹 आर-1 (पहली भाषा):
यह मुख्य भाषा होती है, जिसे स्कूल चुनता है। यह भाषा सीबीएसई की सूची में शामिल होती है, जैसे हिंदी या कोई क्षेत्रीय भाषा। आमतौर पर छात्रों की पढ़ाई की शुरुआत इसी भाषा से होती है।
🔹 आर-2 (दूसरी भाषा):
दूसरी भाषा आर-1 से अलग होती है। यह भी एक मानक भाषा होती है, जिसे स्कूल पढ़ाता है, जैसे अंग्रेजी या कोई अन्य भारतीय भाषा।
🔹 आर-3 (तीसरी भाषा):
तीसरी भाषा आर-1 और आर-2 दोनों से अलग होती है। इसमें छात्र अपनी क्षेत्रीय भाषा या मातृभाषा का चयन कर सकते हैं। तीनों भाषाओं में से कम से कम दो भाषाएं भारतीय मूल की होना अनिवार्य है।
सीबीएसई ने सभी स्कूलों से अपील की है कि वे समय सीमा के भीतर आवश्यक जानकारी पोर्टल पर अपडेट करें, ताकि नई भाषा व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू किया जा सके।

