नई शिक्षा नीति के तहत यूजी-पीजी के पाठ्यक्रम होंगे संशोधित

 नई शिक्षा नीति के तहत प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भय्या) राज्य विश्वविद्यालय एवं कॉलेजों में नए शैक्षिक सत्र 2022-23 में स्नातक और परास्नातक के संशोधित पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। विषय विशेषज्ञों का पैनल पाठ्यक्रम को अपडेट एवं अपग्रेड करने में जुटा है। 15 से 30 प्रतिशत कोर्स संशोधित किए जाएंगे।


इसमें यूजी, पीजी के ट्रेडिशनल और प्रोफेशनल कोर्स शामिल हैं। अपग्रेड पाठ्यक्रम का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। इसी सप्ताह बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक में स्वीकृति के लिए रखा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद एकेडमिक काउंसिल में रखा जाएगा, जहां से मुहर लगते ही संशोधित पाठ्यक्रम लागू कर दिया जाएगा। कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि नए पाठ्यक्रमों में स्थानीय, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विषय वस्तु के साथ वर्तमान के मुद्दे और पर्यावरण जागरूता, लैंगिंग समानता को भी शामिल किया जाएगा, ताकि छात्र कैंपस छोड़ने के बाद स्व रोजगार शुरू करने या प्लेसमेंट के लिए सक्षम हों। विवि मे संचालित हो रहे परास्नातक के सभी विषयों में सीबीसीएस (च्वाइस बेस्ट क्रेडिट सिस्टम) को पूर्ण रूप से लागू किया जाएगा। परास्नातक में वैकल्पिक विषयों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसमें कौशल विकास से संबंधित विषयों को शामिल किया जाएगा।

पीजी में अब 14 विषयों में होगी पढ़ाई : नए सत्र से अंग्रेजी, मनोविज्ञान और लोक प्रशासन विषय से छात्र परास्नातक कर सकेंगे। इन तीनों पाठ्यक्रम के संचालन के लिए शासन से अनुमति मिल गई है। इसके लिए 30-30 सीटें तय की गई हैं। इसके अलावा प्राचीन भारतीय इतिहास, सामाजिक कार्य, दर्शन, हिन्दी, संस्कृत, राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्रत्त्, अर्थशास्त्रत्त्, रक्षा और रणनीतिक अध्ययन,भूगोल, एमकॉम और एमएसडब्ल्यू शामिल हैं।

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