18 February 2026

विशेष शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्यता पर केंद्र से जवाब तलब

 

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा है कि क्या कक्षा 9 से 12 तक पढ़ाने वाले विशेष शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास करना अनिवार्य है। अदालत ने कहा कि इस मुद्दे पर नियमों और दिशानिर्देशों में स्पष्टता जरूरी है।


जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी, न्याय मित्र ऋषि मल्होत्रा और अन्य वरिष्ठ अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद केंद्र से जवाब मांगा। अदालत ने तीन सवालों पर स्पष्टीकरण चाहा है, क्या माध्यमिक स्तर के विशेष शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य है, 10 जून 2022 के शिक्षा मंत्रालय के पत्र में


बताई गई भर्ती प्रक्रिया सभी स्तरों पर लागू होती है या नहीं, और क्या 2010 के बाद किसी राज्य या केंद्र ने माध्यमिक स्तर के लिए टीईटी आयोजित की है।


केंद्र ने कहा-टीईटी सभी शिक्षकों के लिए जरूरी

सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से कहा गया कि टीईटी सभी शिक्षकों के लिए जरूरी है और विशेष शिक्षकों के लिए भारतीय पुनर्वास परिषद का प्रमाणपत्र भी अनिवार्य है। इस पर जस्टिस दत्ता ने 2021 के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि टीईटी की शर्त स्पष्ट रूप से कक्षा 1 से 5 और 6 से 8 तक के लिए है, 9 से 12 के लिए नहीं। उन्होंने कहा कि ऐसी अनिवार्यता केवल प्रशासनिक पत्र से नहीं, बल्कि विधि या नियमों के तहत तय होनी चाहिए। अदालत ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को 21 जुलाई 2022 के आदेश के अनुपालन में संविदा शिक्षकों के वेतन और सेवा शर्तों पर एक महीने में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश भी दिया।