बच्चों में बढ़ते मोबाइल की लत के लिए स्कूलों में मोबाइल पर होमवर्क दिए जाने को मुख्य वजह माना जा रहा है। मंगलवार को भाजपा सदस्य विजय बहादुर पाठक ने स्कूलों में मोबाइल
पर होमवर्क दिए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इससे बच्चों में बढ़ते मोबाइल की लत की गंभीर समस्या पैदा होती जा रही है। इस पर तत्काल रोक लगाए जाने की जरूरत है।
पाठक ने शून्यकाल में इस मामले को उठाते हुए कहा कि कोविड के दौरान पढ़ाई का डिजिटल पैटर्न शुरू हुआ था। यह उस समय की जरूरत थी लेकिन अब भी कई स्कूल इसे जारी रखे हुए हैं। स्कूलों में डायरी की बजाय व्हाट्स ऐप पर होमवर्क और असाइनमेंट दिए जाते हैं। इससे बच्चे
मोबाइल पर निर्भर होते जा रहे हैं। अभिभावकों को भी बच्चों को मजबूरी में मोबाइल देना पड़ रहा है। इससे उनकी मानसिक और शारीरिक सेहत पर नकारात्मक असर पड़ रहा है क्योंकि जब बच्चा पढ़ाई के बहाने फोनलेता है तो वह धीरे-धीरे गेम और रील की ओर मुड जाता है।
इससे बच्चों में एडिक्टिव बिहैवियर विकसित हो रहा है। कई देशों में बच्चों के सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर भी सख्ती है। मनोरोग विशेषज्ञों का मानना है कि अधिक स्क्रीन टाइम बच्चों की एकाग्रता और याददाश्त पर नकारात्मक असर डालता है। उन्होंने बच्चों में बढ़ते मोबाइल की लत को रोकने के लिए सरकार से प्रभावी कार्यवाही की मांग की है।

