23 March 2026

नौ लाख सरकारी नौकरियां दीं:योगी

 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि बीते नौ वर्षों में सरकार ने नौ लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी हैं, जो देश में किसी भी राज्य द्वारा दी गई सबसे बड़ी संख्या है। नियुक्तियों में सिफारिश या लेन-देन की गुंजाइश नहीं है। चयन प्रक्रिया पूरी तरह संबंधित आयोगों व एजेंसियों से पूरी कराई जाती है, जिसकी निगरानी भी सख्ती से होती है।



लोकभवन सभागार में 1,228 नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नर्सिंग प्रोफेशनल्स की मांग भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में है। जापान, जर्मनी यात्रा के दौरान भी नर्सिंग प्रोफेशनल्स की डिमांड की गई। नर्सिंग कोर्स के साथ विदेशी भाषा में डिप्लोमा में भविष्य बेहतर कर सकता है। प्रशिक्षित बेटियां देश-विदेश में भी सेवाएं दे सकेंगी। बीएससी नर्सिंग, जीएनएम पाठ्यक्रम के साथ-साथ भारतीय भाषाओं मराठी, तेलुगु, मलयालम, तमिल व बांग्ला आदि चुन सकते हैं, क्योंकि नर्सिंग प्रोफेशनल्स की वहां भी मांग है।


कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नव चयनित नर्सिंग ऑफिसर्स को नियुक्ति पत्र बांटे। इससे पहले नव चयनित नर्सिंग ऑफिसर्स ने मुख्यमंत्री के सामने विचार साझा कर धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में 1097 महिलाओं और 131 पुरुष नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि के पावन पर्व, विशेष कर मां भगवती की पूजा की चतुर्थी तिथि पर इतनी बड़ी संख्या में बेटियों को नियुक्ति पत्र मिलना सकारात्मक संकेत है। यह महिला सशक्तीकरण, बढ़ती भागीदारी भी है।


बदहाल थीं स्वास्थ्य सेवाएं


मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी पूर्वी उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति के लिए जाना जाता था। स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए वर्षों से बंद एएनएम, जेएनएम प्रशिक्षण संस्थानों को फिर शुरू किया गया। प्रदेश में 35 ऐसे एएनएम प्रशिक्षण केंद्रों को पुनः संचालित किया गया है।


केजीएमयू को 8वां स्थान


सीएम ने कहा कि किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय ने वर्ष 2025 की एनआईआरएफ रैंकिंग में चिकित्सा विश्वविद्यालयों की श्रेणी में देशभर में 8वां स्थान प्राप्त कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक नवचयनित बेटी ने बताया कि उसे ईद के अगले दिन नियुक्ति पत्र प्राप्त हुआ।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष है। समाज के हर वर्ग को बिना भेदभाव अवसर है। अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग, दिव्यांगजन और पूर्व सैनिकों के लिए निर्धारित आरक्षण व्यवस्था का पालन हो रहा है। चाहे वर्टिकल हो या हॉरिजन्टल आरक्षण, सभी नियमों को सख्ती से लागू किया गया है।