यूपीटीईटी के प्रमाणपत्र परिणाम जारी किए जाने की तिथि से आजीवन मान्य होंगे। चयन आयोग ने यूपी-टीईटी का प्रमाणपत्र पहली बार इलेक्ट्रॉनिक माध्यम (डिजिलॉकर) के माध्यम से देने का निर्णय लिया है।
प्रमाणपत्र में अभ्यर्थी की फोटो, वर्ग (जाति) एवं विशेष आरक्षण श्रेणी में किसी भी प्रकार का परिवर्तन/संशोधन नहीं किया जाएगा। इसलिए आयोग ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि आवेदन करते समय सतर्कता बरतें।

