लखनऊ, । खाने में चावल पसंद है या रोटी। आईफोन इस्तेमाल करते हैं या साधारण मोबाइल फोन। खाना एलपीजी से बनता है या पीएनजी से। कुछ दिन बाद इन सवालों के साथ आपके घर पर कोई पहुंचे तो चौकिएगा नहीं। जनगणना में नियुक्त किए गए प्रगणक इन सवालों की झड़ी लगाएंगे जरूर। उद्देश्य सिर्फ इतना है कि केन्द्र व प्रदेश सरकारों का ध्यान लोगों की सुविधाओं और पसंद की योजनाओं पर केन्द्रित हो सके और लोगों को अधिकतम सहूलियत मिल सके।
33 प्रश्नों का देना होगा जवाब: इस बार जनगणना में 33 प्रश्न बनाए गए हैं। इसमें आम आदमी की जरूरत और सुविधाओं के हर बिन्दु को शामिल किया गया है। मकानों की गणना, उसमें रह रहे सदस्यों की संख्या, भौतिक सुविधाओं की स्थिति आदि की जानकारी लेना शामिल है। इसके लिए पूरे प्रदेश में लगभग सवा पांच लाख से अधिक कर्मचारियों की ड्यूटी लगायी गयी है।
इन सवालों का देना होगा जवाब: घर के संबंध में प्रश्न-मकान नंबर, जनगणना मकान संख्या, घर की फर्श कैसी है, घर की दीवार कैसी है, घर की छत कैसी है और क्या उपयोग हो रहा है, घर का क्या उपयोग हो रहा है, घर की मौजूदा स्थिति कैसी है।
परिवार के संबंध में प्रश्न: परिवार की संख्या, घर में कितने जन रहते है, परिवार के मुखिया का नाम, परिवार के मुखिया का लिंग, परिवार के मुखिया की जाति (अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति / अन्य), घर स्वयं के नाम / किराया पर, घर में कितने कमरे है, कितने विवाहित परिवार हैं।
घर में बुनियादी जरूरतें: पेयजल का स्रोत, पेयजल की उपलब्धता, प्रकाश का मुख्य स्रोत, शौचालय की सुलभता, किस प्रकार का शौचालय, गंदे पानी का निकास, रसोईघर की उपलब्धता (एलपीजी/पीएनजी), खाना पकाने का मुख्य साधन की जानकारी देनी होगी।
घरेलू उपकरणों की उपलब्धता: रेडियो, टेलीविज़न, इंटरनेट सुविधा, लैपटॉप / कंप्यूटर, टेलीफोन /मोबाइल फ़ोन / स्मार्ट फ़ोन की जानकारी देनी होगी। साइकिल या स्कूटर/ मोटरसाइकिल/मोपेड, कार, जीप या वैन, मोबाइल नंबर आदि बताना होगा।

