13 May 2026

प्रोन्नत वेतनमान की सूची समय पर जारी न होने से शिक्षक हो रहे वंचित

 

प्रोन्नत वेतनमान की सूची समय पर जारी न होने से शिक्षक हो रहे वंचित

परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को चयन वेतनमान में 12 वर्ष की संतोषजनक सेवा पूर्ण करने के बाद प्रोन्नत वेतनमान का लाभ दिए जाने का प्रावधान है। लेकिन वर्तमान व्यवस्था में कुल शिक्षकों के केवल 20 प्रतिशत को ही यह लाभ मिल पाता है। नियम के अनुसार प्रत्येक वर्ष पात्र शिक्षकों की सूची जारी होनी चाहिए, ताकि क्रमवार सभी शिक्षकों को समय पर इसका लाभ मिल सके।

दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि कई जनपदों में वर्षों तक प्रोन्नत वेतनमान की सूची जारी ही नहीं की जाती। परिणामस्वरूप अनेक शिक्षक पात्र होने के बावजूद इस लाभ से वंचित रह जाते हैं और कई शिक्षक सेवानिवृत्ति तक इसका इंतजार करते रह जाते हैं। इससे शिक्षकों में निराशा और असंतोष बढ़ रहा है।

शिक्षकों का कहना है कि यदि प्रत्येक वर्ष पारदर्शी तरीके से लाभान्वित शिक्षकों की सूची जारी की जाए, तो क्रमशः सभी पात्र शिक्षकों को इसका लाभ मिल सकता है। साथ ही, इससे विभागीय कार्यप्रणाली में भी पारदर्शिता आएगी। शिक्षक संगठनों को इस मुद्दे पर गंभीरता से सामूहिक प्रयास करते हुए शासन और विभाग पर दबाव बनाना चाहिए, ताकि हर वर्ष समय से सूची जारी हो सके।

गौरतलब है कि माध्यमिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों को प्रोन्नत वेतनमान का लाभ बिना 20 प्रतिशत सीमा के दिया जाता है। वहां सभी पात्र शिक्षकों को निर्धारित अवधि पूरी होने पर इसका लाभ प्राप्त हो जाता है। ऐसे में परिषदीय शिक्षकों के बीच यह मांग भी उठ रही है कि उनके लिए भी समान व्यवस्था लागू की जाए, जिससे किसी शिक्षक को केवल प्रशासनिक लापरवाही के कारण आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े।



प्रोन्नत वेतनमान

 चयन वेतनमान में 12 वर्ष की संतोषजनक सेवा पर कुल शिक्षकों के मात्र 20 प्रतिशत ही परिषदीय शिक्षकों को प्रोन्नत वेतनमान मिलता है। इसका फायदा सभी शिक्षकों को तब मिलता है जब प्रत्येक वर्ष प्रोन्नत वेतनमान से लाभान्वित शिक्षकों की सूची निर्गत हो।


लेकिन दुःखद यह है कि प्रत्येक वर्ष सूची निर्गत न होने के अभाव में शिक्षकों को इसका लाभ नहीं मिलता और वह सेवानिवृत्त हो जाते हैं। इस संबंध में शिक्षक संगठनों को सामूहिक प्रयास करते हुए प्रत्येक वर्ष लाभान्वित शिक्षकों को सूची जारी करवानी चाहिए जिससे सभी शिक्षकों को इसका लाभ मिल सके,पदोन्नति न होने की दशा में...

> माध्यमिक में सभी शिक्षकों को प्रोन्नत वेतनमान का लाभ मिलता है,वहां 20 प्रतिशत का नियम नहीं लागू है।