लखनऊ, जनगणना-2027 में इस बार परिवार की परिभाषा बिल्कुल अलग है। एक मकान में कितनी रसोई हैं और प्रत्येक रसोई से जितने सदस्य नियमित भोजन कर रहे हैं, वह सभी उसी रसोई से जुड़े परिवार के सदस्य होंगे। नौकर भी जिस रसोई से नियमित भोजन कर रहा है तो उसी परिवार का सदस्य माना जाएगा।
जनगणना से पहले स्वगणना की सुविधा सिर्फ समय बचाने के लिए दी गई है। क्योंकि स्वगणना और जनगणना में सभी 33 सवाल समान हैं। जनगणना का मुख्य उद्देश्य देश में निवास कर रहे नागरिकों की संख्या की गिनती और उनको उपलब्ध सुविधाओं का आंकलन करना है। जनगणना के संयुक्त निदेशक एके राय ने बताया कि जो जहां रह रहा है वहीं से जनगणना कराए तभी सही डाटा उपलब्ध हो सकेगा क्योंकि जो डाटा जारी होगा वह देश, प्रदेश, वार्ड-गांवों का ही होगा।

