लखनऊ। विश्वविद्यालयों व डिग्री कॉलेजों के शिक्षक और कर्मचारी अपने खिलाफ चल रही जांच नहीं छिपा सकेंगे। मानव संपदा पोर्टल पर उनके खिलाफ चल रही सतर्कता जांच व अनुशासनात्मक कार्रवाई का ब्योरा दर्ज किया जाएगा। ऐसे में गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं रहेगी।
उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव शकील अहमद सिद्दीकी की ओर से सभी विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार व निदेशक उच्च शिक्षा को मानव संपदा पोर्टल पर कार्रवाई से संबंधित पूरी जानकारी अपलोड की जाएगी। ऐसे में अब विभिन्न पुरस्कारों व कमेटियों में इन शिक्षकों व कर्मचारियों का नाम शामिल करने से पहले उनकी आसानी से जांच हो सकेगी।
करीब छह साल पहले सरस्वती व शिक्षक श्री पुरस्कार देने में गड़बड़ी उजागर हुई थी। ढंग से सत्यापन किए बिना एक शिक्षक को पुरस्कार सूची में शामिल कर दिया गया था। उसके बाद यह पुरस्कार नहीं बांटे गए। अब मानव संपदा पोर्टल पर शिक्षकों व कर्मचारियों के विरुद्ध संस्थित व लंबित विभागीय कार्रवाई का पूरा ब्योरा रहेगा।

