नई दिल्ली, । भारत सोने एवं इलेक्ट्रॉनिक सामान जैसे गैर-जरूरी आयात पर रोक लगाने और ईंधन की कीमतें बढ़ाने पर विचार कर रहा है, ताकि विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत किया जा सके। यह आपात कदम ईरान युद्ध के असर से अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए उठाया जा सकता है।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री कार्यालय और वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने इस संबंध में भारतीय रिजर्व बैंक के साथ कई उपायों पर चर्चा की है। बढ़ती तेल कीमतों का असर अर्थव्यवस्था, रुपये और विदेशी मुद्रा भंडार पर कम करने के लिए अलग-अलग प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, इन उपायों पर अभी तक कोई आखिरी फैसला नहीं हुआ है। मामले से जुड़े जानकार ने बताया, सोना और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स को गैर-जरूरी आयात माना जाता है और अधिकारियों को बढ़ते चालू खाते के घाटे की चिंता है। विदेशी मुद्रा बचाने को इनके आयात पर सख्ती की तैयारी है।
वित्त मंत्रालय और आरबीआई ने जानकारी के अनुरोध का कोई जवाब नहीं दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले 24 घंटों में दो बार लोगों से ईंधन की खपत कम करने और विदेशी यात्राएं सीमित करने की अपील की है।

