बरेली,- उत्तर प्रदेश सरकार मंगलवार को शिक्षामित्र और अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाने जा रही है, लेकिन परिषदीय विद्यालयों के हजारों शिक्षकों का वेतन चार मई तक जारी नहीं हुआ है। इसके अलावा, 31 मार्च को सेवानिवृत्त शिक्षकों की पेंशन भी अभी तक नहीं मिली है। अधिकारियों ने कहा कि उपस्थिति भेजने में देरी के कारण वेतन में देरी हुई है।
शिक्षामित्र, अनुदेशकों का बढ़ा मानदेय मंगलवार को प्रदेश सरकार देने जा रही है। वहीं परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत हजारों शिक्षकों का वेतन चार मई तक जारी नहीं हुआ। इतना ही नहीं 31 मार्च को सेवानिवृत्त छह दर्जन के करीब शिक्षकों की पेंशन भी अभी तक जारी नहीं हुई है। यह हालात तब है जब सरकार की ओर से ग्रांट समय से दी जा रही है। वरिष्ठ शिक्षक नेता हरीश बाबू शर्मा ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि तमाम शिक्षकों ने गाड़ियां व घर लोन पर ले रखे हैं। उनकी ईएमआई समय से वेतन न आने के कारण बाउंस हो जाती है।
जबकि सरकार का आदेश है कि एक तारीख को वेतन जारी कर दिया जाए। इस संबंध में बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखाधिकारी राजेश मिश्रा ने बताया कि खंड शिक्षाधिकारियों द्वारा उपस्थिति भेजने में देरी के कारण सैलरी लेट हुई है। पांच मई को सभी शिक्षकों के खाते में सैलरी पहुंच जाएगी।

