लोक सेवा आयोग से शिक्षक भर्ती होने तक की गई व्यवस्था, जिला विद्यालय निरीक्षक की अध्यक्षता में गठित होगी समिति
प्रयागराज,। शिक्षकों की कमी से जूझ रहे 2635 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में सेवानिवृत्त अधिकारियों, कार्मिकों और अध्यापकों को प्रोत्साहित कर शिक्षण कार्य के लिए नि:शुल्क अतिथि शिक्षक के रूप में रखा जाएगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेन्द्र देव की ओर से आठ अप्रैल को इस संबंध में प्रस्ताव भेजा गया था। इसके बाद 20 अप्रैल को अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में प्रदेश के सभी सेवानिवृत्त शिक्षकों और कार्मिकों की ग्रामवार, विकासखंडवार एवं जनपदवार सूची तैयार करते हुए इच्छुक शिक्षकों-कार्मिकों को उनकी विशेषज्ञता के अनुसार ग्रामवार, विकास खंडवार एवं जनपदवार स्तर पर शैक्षणिक कार्यों में संलग्न करने के निर्देश दिए गए थे।
इस बैठक का कार्यवृत्त 27 अप्रैल को जारी हुआ और उसके बाद निदेशक डॉ. महेन्द्र देव ने चार मई को सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को पत्र लिखकर विकास खंडवार एवं जनपदवार स्तर पर सेवानिवृत्त अधिकारियों, शिक्षकों और कार्मिकों की सूची के साथ ही उनकी विशेषज्ञता की जानकारी मांगी गई है।
02 हजार 635 रा. मा. स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने का प्रयास
65 साल अधिकतम आयु निर्धारित की गई है अतिथि शिक्षकों के लिए
अपनी पसंद के स्कूल के लिए ई-मेल पर दें सूचना:
नि:शुल्क (स्वैच्छिक) आधार पर राजकीय विद्यालयों में पढ़ाने के इच्छुक अतिथि शिक्षकों के चयन के लिए डीआईओएस की अध्यक्षता में पैनल गठित होगा। इनकी अधिकतम आयु 65 साल होगी। अतिथि शिक्षक जिस स्कूल में जाना चाहते हैं और पद रिक्त है, उसकी सूचना डीआईओएस को अपने ई-मेल से देंगे। इनके न्यूनतम आवश्यकता के आधार पर पढ़वाया जाएगा और उसका पर्यवेक्षण भी किया जाएगा।
ऑनलाइन-ऑफलाइन क्लास पर करें विचार:
अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में माध्यमिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों की रिक्तियों पर चयन होने तक स्कूलों में एक ऑफलाइन और स्मार्ट क्लास के माध्यम से एक ऑनलाइन क्लास का समेकित मॉडल लागू करने के भी निर्देश दिए गए हैं। डिजिटल प्लेटफार्म पर विशेषज्ञ एवं उत्कृष्ट शिक्षकों के ऑनलाइन वीडियो व्याख्यान उपलब्ध कराने को कहा गया है।

