कस्तूरबा घोटाले की आरोपी बर्खास्त

गोण्डा। कस्तूरबा घोटाले की आरोपी बालिका शिक्षा की जिला समन्वयक रजनी श्रीवास्तव को बर्खास्त कर दिया गया है। जांच में नाम आने के महीनों बाद बर्खास्तगी की यह कार्रवाई राज्य परियोजना कार्यालय से हुई है। निदेशालय स्तर पर जांच रिपोर्ट भेजने के बाद से बड़ी कार्रवाई होने के कयास लगाए जा रहे थे मगर कार्रवाई न होने से जिला प्रशासन के सामने भी असमंजस की स्थिति थी। ऐसे में जिला समन्वयक से सम्बन्धित पटल छीन लिया गया था। काम नहीं लिए जाने के बावजूद उन्हें विभाग से मानदेय मिलता आ रहा था।


कस्तूरबा विद्यालयों में लाखों रुपये का पकड़ा गया था घोटाला : कस्तूरबा विद्यालयों का लाखों रुपयों का घोटाला निदेशालय स्तर पर पकड़ा गया था। पाया गया था कि जिस वक्त में बच्चियां स्कूल में नहीं थीं। उस समय में भी सामान का खर्च दिखा दिया गया था। विभाग ने इसकी पकड़ प्रेरणा पोर्टल से पकड़ा था।

इन बच्चियों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज ही नहीं पाई गई थी। जिसपर तत्कालीन परियोजना निदेशक चिजय किरण आनन्द ने इस प्रकरण में स्थानीस स्तर पर उच्चस्तरीय जांच की अपेक्षा करते हुए पत्र भेजा। जिस पर डीएम मार्कण्डेय शाही ने जांच का जिम्मा सीडीओ शशांक त्रिपाठी को सौंपा। सीडीओ ने जांच के लिए बीडीओ स्तर के अफसरों को जांच के लिए लगाकर इन विद्यालयों में उपलब्ध खाद्य सामग्रियों का भौतिक सत्यापन करा लिया। जिसपर घोटाले की स्थिति साफ हो गई।

फंस सकते हैं अभी कई के गले : कस्तूरबा घोटाले में अभी कई के गलों के फंसने के आसार बन गए हैं। माना जा रहा है कि इस प्रकरण में कस्तूरबा की वार्डेन व लेखाकार के नाम भी आगे चलकर सामने आएंगे और उनपर भी कार्रवाई होगी।

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कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में सामान आपूर्ति और खर्च को लेकर कराए गए जांच में दोषी पाए गए लोगों की रिपोर्ट भेजी गई थी। जांच में दोषी पाए जाने पर बालिका शिक्षा समन्वयक की बर्खास्तगी की गई है।

शशांक त्रिपाठी, सीडीओ

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