प्रयागराजः इलाहाबाद हाई कोर्ट के
न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह तथा न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ल की खंडपीठ ने बलिया निवासी राजकुमारी देवी की विशेष अपील पर सुनवाई करते हुए कहा है कि राज्य सरकार को अनुकंपा नियुक्ति मामले में नियम 10 के तहत कठिनाइयों को दूर करने का अधिकार है और वह विशेष परिस्थितियों में अनुकंपा नियुक्ति के लिए विशेष आदेश दे सकती है। कोर्ट ने राज्य सरकार को नौ वर्षीय सौम्या उर्फ शाक्षी के मामले में विचार करने का निर्देश दिया है। कहा है कि सरकार सप्ताह भर में बिना किसी आपत्ति मेरिट पर आदेश पारित करे। मुकदमे से जुड़े संक्षिप्त तथ्य यह हैं कि अपीलार्थी के देवर शैलेंद्र कुमार भारती प्राथमिक विद्यालय में सहायक शिक्षक थे। उनकी सात जून 2018 को सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। शैलेंद्र की पत्नी शशिलता की भी 10 जुलाई 2018 को मृत्यु हो गई। ढाई वर्षीय बेटी कुमारी सौम्या उर्फ साक्षी ही रह गई। उसकी देखभाल चाचा रमेश चंद्र सक्सेना तथा चाची राजकुमारी देवी कर रहे हैं। चाची को अतिरिक्त जिला न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश ने तीन मार्च 2021 को अभिभावक / संरक्षक नियुक्त किया है। चाची ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था, लेकिन बेसिक शिक्षा अधिकारी ने 13 नवंबर 2025 को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि वह परिवार की परिभाषा में नहीं आतीं।

