18 February 2026

आमरण अनशन पर बैठे शिक्षक नेता

 

संतकबीरनगर,। शिक्षकों की लंबित समस्याओं का समयबद्ध समाधान न होने पर अपनी पूर्व घोषणा के अनुसार मंगलवार को राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष नवीन त्रिपाठी आमरण अनशन पर बैठ गए। आमरण अनशन की खबर मिलते ही विभागीय अधिकारियों में खलबली मच गई। इस बीच विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से हुई वार्ता में कुछ समस्याओं का तत्काल समाधान किया गया तो कुछ के ठोस समाधान का आश्वासन मिला। इस दौरान बीएसए ऑफिस पर काफी देर तक गहमा-गहमी होती रही।



बीते दिनों राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष नवीन त्रिपाठी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह को छह बिंदुओं पत्र सौंप कर समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की थी। इसमें एक ही वित्तीय

सत्र में दो बार विद्यालयों का ऑडिट कराकर शिक्षकों का आर्थिक दोहन करना, चयन वेतनमान की फाइल ब्लाकों पर महीनों तक रोका जाना, बिना विभागीय मुहर के एमडीएम का ऑडिट कराकर शिक्षकों का शोषण करना, विभाग के स्टेनो के बैठने का दिन निर्धारित न


होना, वर्षों से एक ही ब्लाक में जमे खंड शिक्षाधिकारियों का स्थानांतरण न किया जाना तथा शिक्षकों द्वारा कम्पोजिट ग्रांट खर्च न करने पर प्रतिकूल प्रविष्टि देने जैसे मुद्दे प्रमुख थे।


पूर्व चेतावनी के अनुसार जिलाध्यक्ष नवीन त्रिपाठी मंगलवार को बीएसए ऑफिस पर आमरण अनशन में बैठ गए। इस बीच सूचना पर बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी तथा शिक्षक भी पहुंच गए। कुछ देर बाद बीएसए अमित कुमार सिंह ने वार्ता कर अनशन को समाप्त कराया। बीएसए ने 72,825 शिक्षक भर्ती के द्वितीय बैच तथा 29 हजार गणित-विज्ञान के शिक्षकों का चयन वेतनमान आदेश तुरंत जारी कर दिया। उन्होंने ऑडिट के मामले में कहा कि एक वित्तीय सत्र में इसकी संख्या निर्धारित की जाएगी। बीईओ के ब्लॉक बदलने के मामले में उन्होंने बताया कि कई अधिकारी इस वर्ष अंतर्जनपदीय स्थानांतरण में हैं।