• लखनऊ: प्रदेश में नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई एक्ट) के तहत निजी स्कूलों में अब तक 1.52 लाख से अधिक बच्चों के प्रवेश पूरे हो चुके हैं, जबकि 43 हजार से ज्यादा बच्चे अब भी प्रवेश से वंचित हैं। इस बार कुल 1,95,740 बच्चों को सीटें आवंटित की गई थीं, जिनमें से 1,52,321 बच्चों का प्रवेश कराया जा चुका है।
पिछले शैक्षणिक सत्र में करीब 1.40 लाख बच्चों के प्रवेश हुए थे। विभाग ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि जिन बच्चों को सीट आवंटित हो चुकी है, उनका प्रवेश हर हाल में सुनिश्चित कराया जाए। प्रदेश में कई जिलों में प्रवेश की स्थिति संतोषजनक नहीं है। सबसे कम प्रवेश वाले जिलों में कानपुर नगर, मेरठ, रायबरेली, अलीगढ़, अयोध्या, गौतमबुद्धनगर, इटावा, बहराइच और झांसी शामिल हैं। इन जिलों में आवंटित सीटों के मुकाबले 70 प्रतिशत से भी कम बच्चों का
प्रवेश हो सका है। वहीं दूसरी ओर ललितपुर, पीलीभीत, चित्रकूट, अमेठी, प्रतापगढ़, अंबेडकरनगर, कासगंज और श्रावस्ती जैसे जिलों में बेहतर प्रदर्शन देखने को मिला है। यहां 91 से 97 प्रतिशत तक बच्चों के प्रवेश पूरे हो चुके हैं। राजधानी लखनऊ में 16,784 बच्चों को सीटें आवंटित की गई थीं। अब तक केवल 11,552 बच्चों का ही प्रवेश हो पाया है। 5,232 बच्चे अब भी प्रवेश की प्रतीक्षा कर रहे हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कई अभिभावकों को उनकी पसंद का विद्यालय नहीं मिलने के कारण प्रवेश नहीं कराया गया, कुछ निजी विद्यालयों की ओर से भी अभिभावकों को अनावश्यक चक्कर कटवाए जा रहे हैं।

