20 May 2026

69000 सहायक शिक्षक भर्ती की मूल चयन सूची तलब

 

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार को 69 हजार सहायक शिक्षकों की भर्ती के मामले में हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार मूल चयन सूची तैयार करने और अदालत में पेश करने का निर्देश दिया।

​शीर्ष अदालत ने यह निर्देश तब दिया, जब राज्य सरकार की ओर से हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार मूल चयन सूची तैयार करने के लिए 6 से 8 सप्ताह का समय देने की मांग की।

​जस्टिस दीपांकर दत्ता और ए.जी. मसीह की पीठ के समक्ष यूपी सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि हाईकोर्ट के लखनऊ पीठ के 13 अगस्त 2024 के दिए गए आदेश के अनुसार 69 हजार सहायक शिक्षकों की भर्ती की पूरी लिस्ट को बेसिक शिक्षा नियमावली 1981 तथा आरक्षण नियमावली 1994 के तहत मूलचयन सूची के रूप में कोर्ट में पेश करेंगे। उन्होंने पीठ से कहा कि पूरी लिस्ट बनाने में वक्त लगेगा, इसलिए 6 से 8 हफ्ते का समय दे दिया जाए ताकि एक पारदर्शी मूल चयन सूची सुप्रीम कोर्ट में पेश की जा सके। जस्टिस दत्ता के एक सवाल के जवाब में अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल भाटी ने बताया कि निश्चित रूप से सरकार ऐसे आरक्षण पीड़ित उम्मीदवार, जिनके साथ अन्याय हुआ है सरकार उनको नौकरी देने के बारे में विचार करेगी।

​इस पर जस्टिस दत्ता ने कहा कि यदि आप (प्रदेश सरकार) ऐसा करते हैं तो हम आपके इस सुझाव से सहमत हैं और हम इन सभी याचिकाओं को लंबित रखते हैं।


​दलील: ऐसे तो नौकरी से काफी लोग बाहर होंगे - सामान्य उम्मीदवारों के अधिवक्ता ने पीठ से कहा कि 69 हजार सहायक शिक्षकों की पूरी सूची सामान्य श्रेणी के कट ऑफ 67.11, ओबीसी के कट ऑफ 66.73 जो परिणाम की कट ऑफ है, से मूल चयन सूची के रूप में बनी है तो कई लोग नौकरी से बाहर हो जाएंगे।