मुंबई, एजेंसी। केंद्र सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट को सूचित किया है कि अग्निवीरों का दर्जा नियमित सैनिकों के समान नहीं है, लिहाजा युद्ध या सैन्य अभियान के दौरान अग्निवीरों की मृत्यु होने पर उनके परिजन पेंशन लाभों में समानता का दावा नहीं कर सकते।
केंद्र ने जान गंवाने वाले अग्निवीर मुरली नाइक की मां की अर्जी के खिलाफ दायर हलफनामे में दलील दी कि यह असमानता संवैधानिक रूप से वैध है, क्योंकि योजना वर्तमान राष्ट्रीय सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई अल्पकालिक भर्ती योजना है।
बता दें, पिछले वर्ष मई में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जम्मू-कश्मीर में सीमा पार से हुई गोलीबारी में अग्निवीर नाइक की मृत्यु हो गई थी।

