यूपी में प्रमोशन प्रक्रिया हुई पूरी तरह डिजिटल, अब मानव सम्पदा पोर्टल से होगा चयन
उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब विभागीय प्रमोशन से जुड़ी पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से मानव सम्पदा पोर्टल पर संचालित की जाएगी। शासन द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार Departmental Promotion Committee (DPC) की बैठक से लेकर चयन प्रक्रिया तक सभी कार्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए पूरे किए जाएंगे।
सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य प्रमोशन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना, अनावश्यक देरी रोकना और कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति उपलब्ध कराना है। लंबे समय से फाइलों में उलझने वाली प्रक्रिया अब ऑनलाइन मॉड्यूल के जरिए पूरी होगी।
क्या हैं नए आदेश की प्रमुख बातें?
शासनादेश के मुताबिक—
- सभी विभागों को मानव सम्पदा पोर्टल के माध्यम से ही पदोन्नति की कार्रवाई करनी होगी।
- ऑफलाइन माध्यम से की गई चयन प्रक्रिया मान्य नहीं होगी।
- चयन वर्ष 2026-27 की रिक्तियों के लिए 30 जून 2026 तक प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया है।
- वर्ष 2027 की रिक्तियों के लिए 15 जनवरी 2027 तक चयन कार्य पूर्ण करना होगा।
- समय से कार्रवाई न होने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
कर्मचारियों में चर्चा तेज
सरकारी आदेश सामने आने के बाद कर्मचारियों और सोशल मीडिया पर इसे लेकर मजेदार प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिल रही हैं। लोग कह रहे हैं—
“पहले प्रमोशन फाइलों में अटकता था, अब Server Down में अटकेगा!” 😄
कई लोगों का मानना है कि डिजिटल व्यवस्था लागू होने से “फाइल दबाकर बैठने” और “कल आइए” वाली पुरानी कार्यशैली पर रोक लग सकती है। वहीं कुछ कर्मचारी तकनीकी दिक्कतों और पोर्टल संबंधी समस्याओं को लेकर चिंतित भी दिखाई दे रहे हैं।
पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मानव सम्पदा पोर्टल सही तरीके से संचालित हुआ तो वर्षों से लंबित प्रमोशन मामलों में तेजी आ सकती है। ऑनलाइन रिकॉर्ड, डिजिटल सत्यापन और समयबद्ध प्रक्रिया से कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
अब देखने वाली बात होगी कि यह नई डिजिटल व्यवस्था सरकारी दफ्तरों में वास्तविक पारदर्शिता लाती है या फिर कर्मचारियों को “ऑनलाइन चक्कर” का नया अनुभव मिलता है।

