प्रयागराज में महिला सिपाही पर शिक्षिका को थप्पड़ मारने का आरोप, जांच शुरू
जिम सेंटर में विवाद के बाद बढ़ा मामला, शिक्षिका ने थाने में दर्ज कराई शिकायत
प्रयागराज। प्रयागराज के कड़ा क्षेत्र स्थित भगवान तिराहा के एक जिम सेंटर में महिला सिपाही और शिक्षिका के बीच हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया है। शिक्षिका ने महिला सिपाही पर अभद्रता करने और थप्पड़ मारने का आरोप लगाया है। घटना के बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया, जहां शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है।
जिम सेंटर में हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार भगवान तिराहा स्थित जिम सेंटर में एक शिक्षिका और महिला सिपाही नियमित रूप से जिम करने पहुंची थीं। इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद बढ़ने के साथ माहौल तनावपूर्ण हो गया और जिम परिसर में काफी देर तक हंगामा चलता रहा।
शिक्षिका का आरोप है कि महिला सिपाही जिम के अंदर तेज आवाज में बात कर रही थी। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो महिला सिपाही नाराज हो गई और उनके साथ दुर्व्यवहार करते हुए थप्पड़ मार दिया।
दूसरी महिला सिपाही को भी बुलाने का आरोप
पीड़ित शिक्षिका का कहना है कि विवाद के दौरान महिला सिपाही ने अपनी एक अन्य महिला सहकर्मी को भी मौके पर बुला लिया। इसके बाद दोनों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और मारपीट की।
घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक बहस होती रही। बाद में मामला थाने पहुंचा, जहां शिक्षिका ने लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की।
थाने में पहुंचा मामला
घटना के संबंध में पीड़ित शिक्षिका ने थाने में तहरीर देकर महिला सिपाहियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में मारपीट, अभद्रता और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं तथा जिम सेंटर में मौजूद लोगों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस का बयान
मामले में एसीपी करछना ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है और पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और आरोपों में कितनी सच्चाई है।
इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक स्थानों पर अनुशासन और आपसी व्यवहार को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों की नजर अब पुलिस जांच और उसके निष्कर्ष पर टिकी हुई है।

