13 June 2026

"UP Education News: 25 जून तक होगी आउट ऑफ स्कूल बच्चों की पहचान, शिक्षा विभाग ने जारी किए निर्देश"

 

यूपी में आउट ऑफ स्कूल बच्चों की होगी खोज, 25 जून तक रिपोर्ट देने के निर्देश



नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से पहले शिक्षा विभाग सक्रिय, स्कूल से बाहर बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत से पहले बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूल से बाहर (Out of School) बच्चों की पहचान और उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विशेष अभियान शुरू कर दिया है। राज्य परियोजना निदेशक ने सभी जनपदों के जिला समन्वयकों को निर्देश जारी करते हुए ऐसे बच्चों की विस्तृत जानकारी एकत्र करने और निर्धारित समय सीमा के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है।

विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे और सभी पात्र बच्चों का विद्यालयों में नामांकन कराया जा सके।

25 जून तक मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट

जारी निर्देशों के अनुसार जनपद स्तर पर आउट ऑफ स्कूल बच्चों का सर्वेक्षण कराया जाएगा। इसके लिए राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के माध्यम से विद्यार्थियों की जानकारी एकत्र की जाएगी।

अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि बच्चों का नाम, पता, आयु, शैक्षिक स्थिति तथा विद्यालय छोड़ने के कारणों का विवरण तैयार कर 25 जून तक विभाग को उपलब्ध कराया जाए। इसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

ड्रॉपआउट बच्चों पर रहेगा विशेष फोकस

विभाग विशेष रूप से उन बच्चों की पहचान करेगा जिन्होंने किसी कारणवश पढ़ाई बीच में छोड़ दी है या कभी विद्यालय में नामांकन नहीं कराया। आर्थिक कठिनाइयों, पारिवारिक परिस्थितियों, पलायन, बाल श्रम अथवा अन्य सामाजिक कारणों से शिक्षा से दूर हुए बच्चों को फिर से स्कूलों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

शिक्षा विभाग का मानना है कि समय रहते ऐसे बच्चों की पहचान कर उन्हें विद्यालयों में वापस लाया जा सकता है, जिससे ड्रॉपआउट दर में कमी आएगी।

शिक्षा के अधिकार को मजबूत करने की पहल

राष्ट्रीय शिक्षा नीति और शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसी क्रम में यह अभियान महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार आउट ऑफ स्कूल बच्चों की सही पहचान और नियमित निगरानी से न केवल नामांकन दर बढ़ेगी, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का भी पता चल सकेगा।

नए सत्र में बढ़ेगा नामांकन

शिक्षा विभाग को उम्मीद है कि इस अभियान के माध्यम से बड़ी संख्या में ऐसे बच्चों को चिह्नित किया जा सकेगा जो किसी कारण से विद्यालयों से दूर हैं। उनके पुनः नामांकन और नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।

नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले चलाया जा रहा यह अभियान प्रदेश में सार्वभौमिक शिक्षा के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।