एनपीएस को जबरन थोपने के विरोध में शिक्षकों ने भरी हुंकार, दिया धरना

नई पेंशन योजना के तहत जबरन कटौती के विरोध में शिक्षकों ने बुधवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर धरना दिया। धरने में पुरानी पेंशन योजना को लागू करने की भी पुरजोर मांग उठी। धरना के बाद वित्त एवं लेखाधिकारी संजय कुमार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।


उत्तर प्रदेश जूनियर हाईस्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ के बैनर तले परिषदीय शिक्षक बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर एकत्रित होना शुरू हो गए। कुछ ही देर में परिसर शिक्षकों से खचाखच भर गया। बीएसए से लेकर कृषि विभाग तक शिक्षक भूमि पर दरी बिछाकर बैठ गए। एक नेता ने माइक संभाल लिया। इसके बाद शिक्षक पूरे रौ में आ गए। एनपीएस में जबरन फार्म भरवाने के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। कुछ देर तक नारेबाजी होती रही। इसके बाद पुरानी पेंशन की मांग को लेकर शिक्षकों ने आवाज बुलंद करनी शुरू कर दिया।


धरने में जोश भरने लगा तो संगठन के मंडलीय महामंत्री अखिलेश मिश्र ने माइक संभाल लिया। उन्होंने कहाकि शिक्षकों पर दबाव डालकर एनपीएस का फार्म भरवाया जा रहा है। बेसिक शिक्षा परिषद के वित्त नियंत्रक ने नई पेंशन योनजा 22 दिसंबर 2022 को जारी पत्र के माध्यम से नई पेंशन योजना स्वीकार न करने की स्थिति में वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का रवैया तानाशाही से भरा हुआ है। उन्होंने कहाकि एक अप्रैल 2005 को लागू करते समय नई पेंशन योजना को स्वैच्छिक रखा गया था। अब सरकार इसे थोपने की कोशिश में जुटी है। उन्होंने इसे शिक्षकों के साथ अन्याय बताया। शिक्षक आक्रोशित हैं। जिलाध्यक्ष रामाजी यादव ने कहाकि जिले के शिक्षक नई पेंशन स्कीम का पुरजोर विरोध करते हैं।जिले के बाद प्रदेश स्तर पर धरने में जिले के शिक्षक बढ़ चढ़ कर प्रतिभाग करेंगे।


जिलामंत्री ज्ञानप्रकाश मिश्र ने कहाकि यह योजना किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है। सरकार अतिशीघ्र पुरानी पेंशन की व्यवस्था को लागू करे। बैठक को वरिष्ठ उपाध्यक्ष वशिष्ठ नारायण चौहान, उपाध्यक्ष अजय यादव, कोषाध्यक्ष अशफाक अहमद आदि ने भी संबोधित किया। धरने में मौके पर वित्त एवं लेखाधिकारी ने पहुंचकर शिक्षकों से ज्ञापन लिया। उन्होंने उचित माध्यम से मुख्यमंत्री तक ज्ञापन पहुंचाने का आश्वासन दिया। इस दौरान शिवानंद यादव, अनिल कुमार मणि, नरेंद्र, अशरफ अली खान, शिव यादव, श्यामदेव यादव, बालेंदु मिश्र, अख्तर अली, ओमप्रकाश कुशवाहा, संजय सिंह, सुनीता सिंह, उमेश चंद, ऋषिकेश सिंह, दीनदयाल कुशवाहा, कमलेश कुमार, अवध महिमा प्रसाद, रामाशीष, लक्ष्मण जी, संतोष विक्रम सिंह, सुनील कुमार यादव आदि मौजू रहे।