लखनऊ। तकनीकी गड़बड़ी व परीक्षा परिणाम में देरी के कारण छात्रवृत्ति पाने से वंचित रह गए छात्रों के खाते में अब 16 मार्च तक धनराशि भेजी जाएगी। वर्ष 2024-25 में विश्वविद्यालय व कॉलेजों ने मास्टर डाटा लॉक न करने, आवेदन अग्रसारित न करने और परीक्षा परिणाम में देरी के चलते इन 5.87 लाख छात्रों की छात्रवृत्ति फंस गई थी। समाज कल्याण विभाग की ओर से जारी की गई संशोधित समय-सारिणी के अनुसार विश्वविद्यालय व कॉलेज 27 फरवरी तक छात्रों का सत्यापन करेंगे, पाठ्यक्रम व संस्था को ऑनलाइन लॉक करेंगे।
वहीं जिला समिति की ओर से 1 मार्च तक मास्टर डाटा लॉक किया जाएगा।
जिला स्तर पर विभागीय अधिकारी डाटा के अनुसार एनआईसी से छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन मांग करेंगे। 16 मार्च तक छात्रों के खाते के बैंक खाते में छात्रवृत्ति की धनराशि भेज दी जाएगी।
दरअसल वर्ष 2024-25 में विश्वविद्यालय व कॉलेजों की लापरवाही से यह छात्र छात्रवृत्ति पाने से वंचित रह गए। बीफॉर्मा का सत्र देर से शुरू होने, आयुर्वेद, होम्योपैथ, बीएड व डीएलएड कोर्स का परिणाम देरी से निकला। वहीं जनपदीय समितियों ने डाटा लंबित रखा, संस्थाओं की ओर से छात्रों को प्रमाणित कर डाटा आगे नहीं बढ़ाया गया। शासन की सख्ती के बाद छात्रवृत्ति पाने से छूटे छात्रों से दोबारा आवेदन लेकर छात्रवृत्ति लिए जाने का निर्णय लिया गया। फिलहाल छात्र करीब दो वर्षों से छात्रवृत्ति का इंतजार कर रहे हैं।

