मेडिकल में रिजेक्ट हुए युवाओं को टारगेट करता था जालसाज
लखनऊ, सेना में भर्ती कराने के नाम पर बेरोजगारों से करोड़ों की ठगी करने वाले जालसाज आलोक तिवारी को एसटीएफ ने मिलिट्री इंटेलिजेंस की सूचना पर मंगलवार को कैंट के सदर इलाके से गिरफ्तार किया है। वह भर्ती परीक्षण में मेडिकल में रिजेक्ट हुए युवाओं को टारगेट करता था। बरगला कर उनके शैक्षिक दस्तावेज ले लेता था।
एसटीएफ के डिप्टी एसपी दीपक कुमार सिंह के मुताबिक आलोक सेना भर्ती मुख्यालय के आस पास अक्सर रहता था। वहीं, से युवाओं को टारगेट करता था। मेडिकल परीक्षण में रिजेक्ट हुए युवाओं को दोबारा अगली भर्ती में पास कराने की भरोसा दिलाता था। दोबारा मेडिकल परीक्षण से पूर्व उन्हें ड्यूराबोलिन का इंजेक्शन लगवा देता था। इसके बाद युवक मेडिकल कराते तो स्वत: पास हो जाते थे। प्रति युवा भर्ती के नाम पर डेढ़ से दो लाख रुपये लेता था। आर्मी इंटेलिजेंस के अधिकारियों ने भी उससे घंटों पूछताछ की । जालसाज ने अपना नाम पता बदलकर वास्तविक पहचान भी छुपा रखी थी। डिप्टी एसपी ने बताया कि गिरफ्तार आलोक तिवारी मूलरूप से कन्नौज के छिबरामऊ इलाके के विशुनगढ़ भोगपुर निगोहां है। उसने फर्जी नाम आकाश कुमार निवासी कन्नौज गोवा सतौरा के नाम से अपनी आईडी बनवा रखी थी। अभ्यर्थियों को अपना परिचय इसी नाम से देता था।

