08 February 2026

प्रदेशभर के स्कूलों में अवकाश स्वीकृति के 5611 मामले लंबित, मानव संपदा पोर्टल पर अटकी फाइलें

 

*प्रदेशभर के स्कूलों में अवकाश स्वीकृति के 5611 प्रकरण लंबित*


*मानव संपदा पोर्टल पर सीसीएल के 4704, अर्नलीव के 746 मामले अटके*


*सीतापुर में 262, उन्नाव में 200 प्रकरण का होना है निस्तारण*



*प्रतापगढ़ में 54 और कौशांबी में 52 प्रकरण लंबित*



प्रदेशभर के स्कूलों में अवकाश स्वीकृति के 5611 मामले लंबित, मानव संपदा पोर्टल पर अटकी फाइलें

प्रयागराज।
प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों व कर्मचारियों के अवकाश स्वीकृति से जुड़े कुल 5611 मामले अब तक लंबित हैं। मानव संपदा पोर्टल पर उपलब्ध विवरण के अनुसार इनमें सीसीएल के 4704, अनलीव के 746, मातृत्व अवकाश के 106 और चिकित्सकीय अवकाश के 55 प्रकरण शामिल हैं।

शिक्षा निदेशक (बेसिक) द्वारा सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर निर्धारित समय सीमा में लंबित मामलों के निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं। पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि मानव संपदा पोर्टल की समीक्षा मुख्यमंत्री कार्यालय स्तर से 10 फरवरी को की जानी है।

जिलावार स्थिति

प्रदेश के 75 जिलों में से 19 जिलों में 100 से अधिक मामले लंबित हैं, जबकि 56 जिलों में 100 से कम प्रकरण शेष हैं।

  • सीतापुर में सर्वाधिक 262
  • उन्नाव में 200
  • प्रयागराज में 166
  • बाराबंकी में 191
  • आगरा में 175
  • वाराणसी में 164
  • मुरादाबाद में 179
  • रायबरेली में 145
  • अलीगढ़ में 63, अयोध्या में 52, बलिया में 57, जौनपुर में 92 मामले अब तक निस्तारित नहीं हुए हैं।

निर्देश और चेतावनी

अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि किन परिस्थितियों में प्रकरण लंबित हैं, इसकी स्पष्ट रिपोर्ट तैयार की जाए। साथ ही यह भी सामने आया है कि कुछ मामलों में अवकाश स्वीकृत होने के बावजूद उन्हें पोर्टल पर अपडेट नहीं किया गया, जबकि कुछ प्रकरण आवेदन दोबारा करने के कारण अटके रहे।

मानव संपदा पोर्टल पर अवकाश मामलों की लंबित स्थिति ने शिक्षकों व कर्मचारियों की परेशानी बढ़ा दी है। विभाग ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि अब किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण अनिवार्य होगा।