08 February 2026

बिकने के बाद वाहन हादसे की स्थिति में वही जवाबदेह जिसका सरकारी रिकॉर्ड में होगा नाम




प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि वाहन बिक चुका है, लेकिन परिवहन विभाग के रिकॉर्ड में पुराने मालिक का नाम दर्ज है तो दुर्घटना की स्थिति में मुआवजा देने की पूरी जिम्मेदारी पंजीकृत मालिक की ही होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति संदीप जैन की एकल पीठ ने ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी की अपील को खारिज करते हुए दिया है।


मामला मुरादाबाद का है। 26 फरवरी 2015 को एक कार दुर्घटना में चालक धरमवीर की मौत हो गई थी। कर्मचारी मुआवजा आयुक्त ने मृतक के परिजनों को 8.26 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया था। बीमा कंपनी ने इसे



हाईकोर्ट में चुनौती दी। दलील दी कि कार के मूल मालिक राकेश ने दुर्घटना से पहले ही गाड़ी किसी और को बेच दी थी।


इसलिए अब उनका कोई उत्तरदायित्व नहीं बनता। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के नजीरों का हवाला देते हुए कहा कि पीड़ित या उसके परिजनों को यह ढूंढ़ने की जरूरत नहीं है कि वाहन का असली खरीदार कौन है। कानून की नजर में वही व्यक्ति जवाबदेह है, जिसका नाम सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है